Previous Year Question
किस सूफी संत को ‘महबूब-ए-इलाही’ कहा जाता था?
ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती
बाबा फरीद
कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी
शेख निजामुद्दीन औलिया
Correct Answer: D
Detailed Solution
शेख निजामुद्दीन औलिया भारत में चिश्ती सूफी परंपरा के सबसे प्रसिद्ध संतों में से एक थे। उन्हें ‘महबूब-ए-इलाही’, अर्थात “ईश्वर का प्रिय”, के नाम से भी जाना जाता था।
उनका जन्म लगभग 1238 ई. में बदायूँ में हुआ और उनका निधन 1325 ई. में दिल्ली में हुआ।
निजामुद्दीन औलिया के आध्यात्मिक गुरु बाबा फरीदुद्दीन गंज-ए-शकर थे। बाबा फरीद चिश्ती सिलसिले के प्रमुख संत थे और उनसे आध्यात्मिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद निजामुद्दीन औलिया ने दिल्ली में चिश्ती परंपरा को अत्यंत प्रभावशाली बनाया।
उनकी खानकाह दिल्ली के गियासपुर क्षेत्र में थी। यहाँ समाज के विभिन्न वर्गों के लोग आते थे। उनकी शिक्षाओं में प्रेम, करुणा, मानव-सेवा और ईश्वर के प्रति समर्पण पर विशेष बल था।
उनके सबसे प्रसिद्ध शिष्यों में अमीर खुसरो शामिल थे। अमीर खुसरो का अपने गुरु निजामुद्दीन औलिया से अत्यंत गहरा आध्यात्मिक संबंध था।
निजामुद्दीन औलिया को सुल्तान-उल-मशायख की उपाधि से भी जाना जाता था। उन्होंने सामान्यतः शासकीय सत्ता से दूरी बनाए रखी और अपनी खानकाह को राजनीतिक दरबार से अलग रखने का प्रयास किया।
अन्य विकल्पों में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती अजमेर में चिश्ती परंपरा के महान संत थे, कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी दिल्ली के प्रारम्भिक चिश्ती संत थे और बाबा फरीद निजामुद्दीन औलिया के गुरु थे। लेकिन महबूब-ए-इलाही की प्रसिद्ध उपाधि निजामुद्दीन औलिया से संबंधित है।