Previous Year Question
निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?
जज़िया का पुनः आरोपण — फर्रुखसियर
मसुलीपट्टम पर अधिकार — फोर्ड
सती प्रथा निषेध अधिनियम — लॉर्ड विलियम बेंटिंक
दास-प्रथा का दमन — मैल्कम
Correct Answer: A
Detailed Solution
(a) जज़िया का पुनः आरोपण — फर्रुखसियर:
सामान्य परीक्षा-पुस्तकों में जज़िया के पुनः आरोपण को विशेष रूप से औरंगजेब, 1679 ई. से जोड़ा जाता है। इसी आधार पर इस प्रश्न की प्रचलित उत्तर-कुंजी फर्रुखसियर वाले युग्म को गलत मानती है।
लेकिन प्राथमिक numismatic evidence इस सरल उत्तर को चुनौती देता है। C. J. Brown की The Coins of India में स्पष्ट उल्लेख है कि औरंगजेब ने 1679 ई. में जज़िया पुनः लगाया था और बाद में फर्रुखसियर ने अपने शासन के छठे वर्ष में poll-tax को पुनः स्थापित किया तथा उससे संबंधित dirham जारी किए।
इसलिए ऐतिहासिक रूप से “फर्रुखसियर — जज़िया का पुनः आरोपण” को पूरी तरह गलत कहना सुरक्षित नहीं है। यही इस प्रश्न की मुख्य समस्या है।
(b) मसुलीपट्टम पर अधिकार — फोर्ड:
यह युग्म सही है। कर्नल फ्रांसिस फोर्ड के नेतृत्व में अंग्रेजी सेना ने 1759 ई. में मसुलीपट्टम पर अधिकार किया। यह तीसरे कर्नाटक युद्ध के दौरान फ्रांसीसी शक्ति के लिए गंभीर झटका था।
(c) सती प्रथा निषेध — लॉर्ड विलियम बेंटिंक:
यह युग्म सही है। 4 दिसम्बर 1829 को गवर्नर-जनरल लॉर्ड विलियम बेंटिंक की सरकार ने Bengal Regulation XVII of 1829 जारी किया, जिसने सती की प्रथा को अवैध और दंडनीय घोषित किया।
(d) दास-प्रथा का दमन — मैल्कम:
यह युग्म भी सावधानी की मांग करता है। सर जॉन मैल्कम ने मध्य भारत और मालवा में दासता की स्थिति का विस्तृत अध्ययन और वर्णन किया था तथा ब्रिटिश प्रशासन के प्रारम्भिक सुधारों के संदर्भ में उनका नाम आता है।
लेकिन यदि “दास-प्रथा का दमन” से पूरे ब्रिटिश भारत में दासता की कानूनी समाप्ति का आशय लिया जाए, तो यह मैल्कम से नहीं जुड़ता। Indian Slavery Act, 1843 ने अदालतों और सरकारी अधिकारियों द्वारा दास-स्वामित्व के अधिकारों को लागू करने से स्पष्ट रूप से इनकार किया।
इसलिए प्रश्न की wording ऐतिहासिक दृष्टि से पूर्णतः साफ नहीं है। उपलब्ध प्रचलित UPPSC solution परंपरा (a) को उत्तर मानती है, लेकिन प्रमाण बताते हैं कि फर्रुखसियर ने वास्तव में अपने शासन के बाद के चरण में जज़िया पुनः लागू किया था।