JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

HISTORY · 2013

Previous Year Question

उत्तर भारत में ‘टंका’ नामक चाँदी का सिक्का प्रारम्भ करने के लिए कौन-सा मध्यकालीन शासक उत्तरदायी था?

A.

इल्तुतमिश

B.

रज़िया

C.

अलाउद्दीन खिलजी

D.

मुहम्मद तुगलक

Correct Answer: A

Detailed Solution

दिल्ली सल्तनत की मुद्रा व्यवस्था को व्यवस्थित और मानकीकृत करने का महत्वपूर्ण श्रेय इल्तुतमिश को दिया जाता है। उसके शासनकाल में उत्तर भारत में चाँदी का टंका और ताँबे का जीतल मानक सिक्कों के रूप में स्थापित हुए।

इससे पहले प्रारम्भिक तुर्क शासकों के समय अनेक प्रकार के स्थानीय सिक्के प्रचलन में थे। उनमें पुराने भारतीय प्रतीकों—जैसे लक्ष्मी, बैल और घुड़सवार—वाले सिक्के भी जारी रहे थे। इल्तुतमिश के समय एक अधिक व्यवस्थित सल्तनती मुद्रा प्रणाली विकसित हुई।

IGNOU के अनुसार इल्तुतमिश ने सोने और चाँदी के टंके तथा ताँबे के जीतल जारी किए और दिल्ली सल्तनत की मुद्रा को मानकीकृत किया।

चाँदी का टंका बाद में सल्तनत की प्रमुख मुद्रा बन गया। NIOS के अनुसार इल्तुतमिश के बाद सल्तनत का मानक चाँदी का टंका लगभग 175 grains वजन का था।

उत्तर भारत में प्रचलित विनिमय व्यवस्था में सामान्यतः—

1 चाँदी का टंका = 48 जीतल

माना जाता था। हालांकि अलग-अलग समय और क्षेत्रों में सिक्कों की वास्तविक धातु-सामग्री तथा विनिमय संबंधों में परिवर्तन हो सकता था।

इल्तुतमिश की मुद्रा व्यवस्था का महत्व केवल आर्थिक नहीं था। एक स्वतंत्र और मानकीकृत सिक्का-व्यवस्था ने दिल्ली सल्तनत की राजनीतिक संप्रभुता और प्रशासनिक एकीकरण को भी मजबूत किया।

बाद में मुहम्मद बिन तुगलक ने ताँबा और पीतल आधारित token currency का प्रयोग किया, लेकिन उसने टंका पहली बार शुरू नहीं किया था।

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