Previous Year Question
फिरोज तुगलक द्वारा स्थापित ‘दार-उल-शफा’ क्या था?
एक दान-गृह
एक निःशुल्क अस्पताल
एक पुस्तकालय
तीर्थयात्रियों के लिए अतिथि-गृह
Correct Answer: B
Detailed Solution
दार-उल-शफा का शाब्दिक अर्थ लगभग “चिकित्सा अथवा आरोग्य का घर” है। मध्यकालीन इस्लामी नगरों में इस शब्द का प्रयोग अस्पताल अथवा उपचार-केन्द्र के अर्थ में किया जाता था।
फिरोज शाह तुगलक, जिसका शासनकाल 1351–1388 ई. था, ने दिल्ली में सार्वजनिक कल्याण के उद्देश्य से एक दार-उल-शफा अर्थात अस्पताल स्थापित कराया।
इस अस्पताल का उद्देश्य बीमार लोगों को चिकित्सा, औषधि और भोजन उपलब्ध कराना था। ऐतिहासिक विवरणों के अनुसार यहाँ चिकित्सक रोगियों की जाँच करते थे, रोग का उपचार निर्धारित करते थे तथा आहार और दवाओं की व्यवस्था की जाती थी।
इस व्यवस्था की विशेष बात यह थी कि इलाज का खर्च रोगी से नहीं लिया जाता था। दवाओं और भोजन का व्यय शाही अनुदानों अथवा वक्फ/एंडोमेंट से वहन किया जाता था। इसलिए इसे प्रश्न में सही रूप से free hospital कहा गया है।
फिरोज शाह की नीति में अन्य लोककल्याणकारी संस्थाएँ भी थीं। उसने दीवान-ए-खैरात जैसी व्यवस्था के माध्यम से जरूरतमंदों को सहायता प्रदान की और सिंचाई, नगर-निर्माण तथा सार्वजनिक भवनों पर भी ध्यान दिया।
यहाँ अन्य विकल्पों से अंतर स्पष्ट है—
दान-गृह अलग प्रकार की परोपकारी संस्था होती।
पुस्तकालय अध्ययन और पुस्तकों के संरक्षण के लिए होता।
यात्रियों का अतिथि-गृह सराय जैसी संस्था होती।
दार-उल-शफा विशेष रूप से रोगियों के उपचार के लिए अस्पताल था।