JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

HISTORY · 2012

Previous Year Question

वह प्रसिद्ध जैन आचार्य कौन था, जिसे अकबर ने बहुत सम्मान दिया था?

A.

चन्द्रप्रभा सूरी

B.

हीरविजय सूरी

C.

पुष्पदंत

D.

यशोभद्र

Correct Answer: B

Detailed Solution

आचार्य हीरविजय सूरी श्वेताम्बर जैन परंपरा के तपा गच्छ के प्रसिद्ध आचार्य थे। वे मुगल सम्राट अकबर के समकालीन थे और अकबर के दरबार से उनके निकट धार्मिक-सांस्कृतिक संबंध स्थापित हुए।

अकबर की धार्मिक जिज्ञासा के कारण विभिन्न धर्मों के विद्वान उसके दरबार में आमंत्रित किए जाते थे। इसी क्रम में लगभग 1582 ई. में हीरविजय सूरी को गुजरात से अकबर के दरबार में आमंत्रित किया गया।

हीरविजय सूरी ने वाहन का उपयोग न करते हुए जैन मुनि परंपरा के अनुसार पैदल यात्रा करके दरबार तक पहुँचने का मार्ग अपनाया। उनके कठोर संयम, विद्वत्ता और जैन सिद्धांतों के ज्ञान ने अकबर को प्रभावित किया।

अकबर ने हीरविजय सूरी को अत्यधिक सम्मान दिया और उन्हें “जगद्गुरु” की उपाधि प्रदान की। यह तथ्य बताता है कि दरबार में उनकी प्रतिष्ठा केवल सामान्य धार्मिक प्रतिनिधि के रूप में नहीं थी।

हीरविजय सूरी ने अकबर को विशेष रूप से अहिंसा, जीव-दया और संयम के जैन सिद्धांतों से परिचित कराया। उनके प्रभाव और जैन समुदाय की मांगों के संदर्भ में अकबर ने कुछ अवसरों पर पशु-वध पर प्रतिबंध लगाने तथा जैन तीर्थस्थलों को संरक्षण देने वाले आदेश भी जारी किए।

अकबर के दरबार में केवल हीरविजय सूरी ही नहीं, बल्कि बाद में जिनचन्द्र सूरी, विजयसेन सूरी और अन्य जैन विद्वान भी पहुँचे। इससे स्पष्ट होता है कि अकबर और जैन आचार्यों के बीच संवाद एक व्यापक धार्मिक नीति का हिस्सा था।

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