Previous Year Question
किसके सिक्कों पर पहली बार बगदाद के अंतिम खलीफा का नाम अंकित हुआ?
कुतुबुद्दीन ऐबक
इल्तुतमिश
अलाउद्दीन खिलजी
अलाउद्दीन मसूद शाह
Correct Answer: D
Detailed Solution
सही उत्तर अलाउद्दीन मसूद शाह है।
यह प्रश्न दो अलग-अलग अब्बासी खलीफाओं—अल-मुस्तनसिर और अल-मुस्तासिम—के कारण आसानी से भ्रम पैदा कर सकता है।
बगदाद का अंतिम अब्बासी खलीफा अल-मुस्तासिम था। उसका शासन 1242–1258 ई. तक रहा। 1258 ई. में हुलागू के नेतृत्व वाली मंगोल सेना ने बगदाद पर अधिकार कर लिया और अल-मुस्तासिम की मृत्यु के साथ बगदाद स्थित अब्बासी खिलाफत का अंत हो गया।
ठीक इसी समय दिल्ली सल्तनत में अलाउद्दीन मसूद शाह का शासन 1242–1246 ई. था। इसलिए दोनों के शासनकाल की शुरुआत लगभग एक ही समय हुई।
अलाउद्दीन मसूद शाह के सिक्कों पर अल-मुस्तासिम का नाम अंकित मिलता है। उपलब्ध numismatic evidence में उसके चाँदी के टंका पर “fi ahd al-Imam al-Musta'sim Amir al-Mu'minin” जैसी अभिलेखीय पंक्ति मिलती है, अर्थात सिक्का खलीफा अल-मुस्तासिम के काल/प्राधिकार का उल्लेख करता है।
यही कारण है कि बगदाद के अंतिम खलीफा अल-मुस्तासिम का नाम दिल्ली सल्तनत के सिक्कों पर पहली बार अलाउद्दीन मसूद शाह के शासनकाल में दिखाई देता है।
यहाँ इल्तुतमिश के कारण भ्रम होता है। इल्तुतमिश ने भी अब्बासी खलीफा का नाम अपने सिक्कों पर अंकित कराया था, लेकिन वह खलीफा अल-मुस्तनसिर था, न कि अंतिम खलीफा अल-मुस्तासिम।
इल्तुतमिश को 1229 ई. के आसपास अब्बासी खलीफा से औपचारिक मान्यता मिली थी और उसकी मुद्रा पर खलीफा की वैधता का उल्लेख उसकी राजनीतिक प्रतिष्ठा को मजबूत करता था। लेकिन अल-मुस्तनसिर की मृत्यु 1242 ई. में हुई और उसके बाद अल-मुस्तासिम अंतिम बगदादी अब्बासी खलीफा बना।
इसलिए अंतर याद रखना उपयोगी है—
इल्तुतमिश — अल-मुस्तनसिर
अलाउद्दीन मसूद शाह — अल-मुस्तासिम, बगदाद का अंतिम खलीफा