Previous Year Question
वह कौन-सा चोल शासक था, जिसने श्रीलंका को पूर्ण स्वतंत्रता दी तथा अपनी पुत्री का विवाह सिंहल राजकुमार से किया?
कुलोत्तुंग प्रथम
राजेन्द्र प्रथम
अधिराजेन्द्र
राजाधिराज प्रथम
Correct Answer: A
Detailed Solution
सही उत्तर कुलोत्तुंग प्रथम है।
कुलोत्तुंग प्रथम का शासन लगभग 1070–1122 ई. तक रहा। उसके शासनकाल में चोलों की श्रीलंका संबंधी नीति पहले के चोल शासकों की प्रत्यक्ष सैन्य अधीनता वाली नीति से अलग दिखाई देती है।
राजराज प्रथम और राजेन्द्र प्रथम के समय चोलों ने श्रीलंका के बड़े हिस्सों पर अधिकार स्थापित कर लिया था। लेकिन 11वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में विजयबाहु प्रथम ने चोल सत्ता के विरुद्ध संघर्ष करते हुए श्रीलंका में सिंहल राजनीतिक सत्ता को पुनः स्थापित किया।
कुलोत्तुंग प्रथम के समय तक श्रीलंका पर चोलों का प्रत्यक्ष नियंत्रण समाप्त हो चुका था। ऐतिहासिक सामग्री के अनुसार कुलोत्तुंग ने अंततः विजयबाहु के श्रीलंका पर अधिकार को स्वीकार किया और उसके साथ मैत्रीपूर्ण संबंध स्थापित करने की नीति अपनाई।
इसी प्रक्रिया में कुलोत्तुंग प्रथम की एक पुत्री का विवाह वीरप्पेरुमाल नामक राजकुमार से हुआ। श्रीलंका से प्राप्त बुडुमुट्टावा अभिलेख में कुलोत्तुंग की पुत्री का उल्लेख वीरप्पेरुमाल की पत्नी के रूप में मिलता है।
इस अभिलेखीय प्रमाण में कुलोत्तुंग की पुत्री का नाम चुंडमल्लियालवार/सुंडमल्लि जैसे रूप में पढ़ा गया है। वीरप्पेरुमाल की सटीक पहचान पर विद्वानों में कुछ मतभेद हैं; उसे सामान्यतः मानाभरण/वीरबाहु से जोड़ा जाता है, जिसका श्रीलंका के राजपरिवार से निकट संबंध था।
यहाँ प्रश्न के वाक्य “श्रीलंका को पूर्ण स्वतंत्रता दी” को थोड़ी सावधानी से समझना चाहिए। ऐतिहासिक रूप से यह कहना अधिक सटीक है कि विजयबाहु ने चोल सत्ता को हटाकर स्वतंत्र सिंहल राज्य पुनः स्थापित किया और कुलोत्तुंग ने बाद में इस राजनीतिक वास्तविकता को स्वीकार कर मैत्रीपूर्ण संबंध स्थापित किए। इसलिए स्वतंत्रता को कुलोत्तुंग द्वारा एकतरफा “दान” के रूप में देखना पूरी तरह सटीक नहीं है।
फिर भी प्रश्न में वर्णित दोनों विशेषताएँ—श्रीलंका पर प्रत्यक्ष चोल नियंत्रण का अंत स्वीकार करना और अपनी पुत्री का वहाँ के राजवंश से जुड़े राजकुमार से विवाह—कुलोत्तुंग प्रथम से संबंधित हैं।