Previous Year Question
निम्नलिखित में से किसने महाराष्ट्र के पारंपरिक गणपति उत्सव को राष्ट्रीय उत्सव में परिवर्तित किया तथा उसे राजनीतिक स्वरूप प्रदान किया?
रामदास
शिवाजी
महादेव गोविंद रानाडे
बाल गंगाधर तिलक
Correct Answer: D
Detailed Solution
सही उत्तर बाल गंगाधर तिलक है।
महाराष्ट्र में गणपति की पूजा बहुत पहले से पारिवारिक और धार्मिक परंपरा के रूप में प्रचलित थी। बाल गंगाधर तिलक ने गणेश उत्सव की शुरुआत नहीं की थी, बल्कि उन्होंने इसके सार्वजनिक अर्थात ‘सार्वजनिक गणेशोत्सव’ स्वरूप को लोकप्रिय बनाया और इसे सामाजिक तथा राजनीतिक जन-संगठन के माध्यम के रूप में प्रयोग किया।
1893 ई. में तिलक ने गणेशोत्सव को बड़े स्तर पर सार्वजनिक रूप दिया। महाराष्ट्र सरकार की सामग्री के अनुसार ब्रिटिश शासन के समय राजनीतिक सभाओं पर प्रतिबंध की परिस्थितियों में तिलक ने निजी गणेश चतुर्थी उत्सव को सार्वजनिक उत्सव में परिवर्तित किया, जिसका उद्देश्य लोगों को एकजुट करना था।
इसके पीछे तिलक का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य था कि धार्मिक-सांस्कृतिक मंच के माध्यम से ऐसे लोगों को भी एक स्थान पर लाया जाए जो सामान्य राजनीतिक बैठकों में भाग नहीं लेते थे। सार्वजनिक पंडालों में भाषण, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामाजिक गतिविधियाँ आयोजित होने लगीं।
गणेशोत्सव इस प्रकार केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राष्ट्रीय चेतना और ब्रिटिश शासन के विरुद्ध राजनीतिक जागरूकता बढ़ाने का माध्यम भी बना। भारत सरकार के Press Information Bureau के अनुसार तिलक ने गणेश उत्सव और शिवाजी जयंती जैसे आयोजनों का प्रयोग लोगों को स्वतंत्रता आंदोलन से जोड़ने और राजनीतिक चेतना विकसित करने के लिए किया।
तिलक के इस प्रयोग ने उत्सव को व्यापक जनभागीदारी वाला स्वरूप दिया। विभिन्न सामाजिक वर्गों के लोगों के एकत्र होने से सामूहिकता और राष्ट्रवादी राजनीतिक लामबंदी को नया सार्वजनिक मंच मिला।
यहाँ प्रश्न में प्रयुक्त “राष्ट्रीय उत्सव” को शाब्दिक रूप से आज के किसी आधिकारिक National Festival की श्रेणी के अर्थ में नहीं समझना चाहिए। प्रश्न का आशय यह है कि तिलक ने महाराष्ट्र के पारंपरिक गणपति उत्सव को सार्वजनिक, व्यापक और राष्ट्रवादी राजनीतिक चरित्र प्रदान किया।