Previous Year Question
निम्नलिखित विदेशी यात्रियों पर विचार कीजिए तथा उन्हें आरोही कालानुक्रमिक क्रम में व्यवस्थित कीजिए—
इत्सिंग
अल-बिरूनी
ह्वेनसांग (ह्वेन त्सांग)
फाह्यान (फा-हियान)
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए—
1, 2, 3, 4
4, 3, 1, 2
2, 1, 4, 3
3, 4, 2, 1
Correct Answer: B
Detailed Solution
4. फाह्यान: चीनी बौद्ध यात्री फाह्यान भारत आने वाला इन चारों में सबसे प्राचीन यात्री था। उसने लगभग 399–414 ई. के बीच अपनी यात्रा की। वह मुख्यतः बौद्ध ग्रंथों और विनय-पिटक से संबंधित सामग्री की खोज में भारत आया था। उसकी यात्रा का महत्वपूर्ण भाग चन्द्रगुप्त द्वितीय के शासनकाल से संबंधित था।
फाह्यान ने पाटलिपुत्र सहित अनेक बौद्ध केन्द्रों की यात्रा की। उसके विवरण से तत्कालीन समाज, बौद्ध धर्म, नगरों और प्रशासन के कुछ पक्षों की जानकारी मिलती है।
3. ह्वेनसांग: इसके बाद ह्वेनसांग अथवा Xuanzang भारत आया। उसकी भारत-यात्रा लगभग 629–645 ई. के बीच हुई। वह हर्षवर्धन के काल में भारत आया और उसने नालंदा में भी अध्ययन किया।
उसका यात्रा-वृत्तांत सातवीं शताब्दी के भारत की राजनीतिक, धार्मिक, भौगोलिक और शैक्षिक परिस्थितियों के अध्ययन का महत्वपूर्ण स्रोत है।
1. इत्सिंग: ह्वेनसांग के बाद चीनी बौद्ध यात्री इत्सिंग अथवा Yijing भारत आया। उसके भारतीय प्रवास का समय लगभग 671–695 ई. माना जाता है। उसने भी नालंदा और अन्य बौद्ध केन्द्रों में अध्ययन किया तथा बौद्ध ग्रंथों के अनुवाद में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
2. अल-बिरूनी: इन चारों में सबसे बाद में अल-बिरूनी भारत से संबंधित हुआ। उसका जीवनकाल 973 से लगभग 1050 ई. था और वह 11वीं शताब्दी में महमूद गजनवी के अभियानों के समय भारतीय उपमहाद्वीप में आया।
अल-बिरूनी ने संस्कृत का अध्ययन किया और भारतीय धर्म, दर्शन, विज्ञान, गणित, समाज तथा रीति-रिवाजों का विस्तृत अध्ययन किया। उसकी प्रसिद्ध कृति किताब-उल-हिन्द भारत के अध्ययन का महत्वपूर्ण स्रोत है।