JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

HISTORY · 2024

Previous Year Question

प्राचीन व्यापार के सन्दर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

  1. प्राचीन भारत में बहुत से नदी-बन्दरगाह के सन्दर्भ मिलते हैं।

  2. वहाँ सामान और यातायात के बड़े गोदाम थे।

उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

A.

1 और 2 दोनों

B.

न तो 1 न ही 2

C.

केवल 1

D.

केवल 2

Correct Answer: A

Detailed Solution

कथन 1 सही है। प्राचीन भारत में नदियाँ केवल जल-स्रोत नहीं थीं, बल्कि व्यापार और यातायात के महत्वपूर्ण मार्ग भी थीं। साहित्यिक तथा पुरातात्त्विक स्रोतों में अनेक ऐसे नगरों और बन्दरगाहों का उल्लेख मिलता है जिनका व्यापार नदियों के माध्यम से होता था।

चम्पा, जो प्राचीन अंग महाजनपद की राजधानी थी, एक महत्वपूर्ण नदी-बन्दरगाह और व्यापारिक केन्द्र था। गंगा नदी-तंत्र से जुड़े होने के कारण इसका पूर्वी भारत के व्यापार में विशेष महत्व था।

कौशाम्बी भी यमुना नदी के किनारे स्थित एक प्रमुख व्यापारिक केन्द्र था। यह दक्षिण और पश्चिम से कोशल तथा मगध की ओर जाने वाले माल और यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण केन्द्र था। कौशाम्बी से राजगृह की ओर नदी-मार्ग का प्रयोग किए जाने के प्रमाण भी मिलते हैं।

इसके अतिरिक्त ताम्रलिप्ति पूर्वी भारत का प्रमुख बन्दरगाह था, जबकि भृगुकच्छ अर्थात भरूच नर्मदा के मुहाने के निकट पश्चिमी भारत का महत्वपूर्ण बन्दरगाह था। ये स्थल आन्तरिक नदी और स्थल मार्गों को समुद्री व्यापार से जोड़ते थे।

कथन 2 भी सही है। प्राचीन भारत में केवल छोटे स्थानीय बाजार ही नहीं थे, बल्कि ऐसे बड़े व्यापारिक संग्रह और वितरण केन्द्र भी थे जहाँ विभिन्न क्षेत्रों से माल पहुँचता था और फिर उसे अन्य क्षेत्रों में भेजा जाता था। इन्हीं को प्रश्न में entrepots के अर्थ में “सामान और यातायात के बड़े गोदाम” कहा गया है।

कौशाम्बी इसका स्पष्ट उदाहरण है। इसे दक्षिण और पश्चिम से आने वाले माल तथा यात्रियों का महत्वपूर्ण entrepot बताया गया है। इसी प्रकार व्यापारिक मार्गों से जुड़े बड़े नगर और बन्दरगाह स्थानीय उत्पादन, दूरस्थ व्यापार और समुद्री व्यापार को एक-दूसरे से जोड़ते थे।

इस प्रकार प्राचीन भारत में नदी-बन्दरगाहों का विस्तृत जाल भी था और बड़े व्यापारिक संग्रह-वितरण केन्द्र भी थे।

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