Previous Year Question
पुराणों के सन्दर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा सही है?
विष्णु पुराण से मौर्य वंश की जानकारी मिलती है।
वायु पुराण गुप्त वंश की शासन व्यवस्था पर प्रकाश डालता है।
1 और 2 दोनों
केवल 1
केवल 2
न तो 1 न ही 2
Correct Answer: A
Detailed Solution
कथन 1 सही है। प्राचीन भारतीय राजनीतिक इतिहास के पुनर्निर्माण में पुराणों की वंशावलियाँ महत्वपूर्ण साहित्यिक स्रोत हैं। विष्णु पुराण में नन्द वंश के बाद मौर्य वंश के उदय का उल्लेख मिलता है।
विष्णु पुराण के अनुसार नन्दों के पतन के बाद कौटिल्य ने चन्द्रगुप्त को राजसिंहासन पर स्थापित किया। इसके बाद चन्द्रगुप्त, बिन्दुसार, अशोकवर्धन तथा बाद के मौर्य शासकों की वंश-परंपरा का विवरण मिलता है। इस प्रकार मौर्य राजवंश के क्रम और शासन-अवधि संबंधी जानकारी के लिए विष्णु पुराण महत्वपूर्ण स्रोत है।
यह ध्यान रखना आवश्यक है कि पुराण आधुनिक अर्थ में लिखे गए इतिहास-ग्रंथ नहीं हैं। इनमें धर्म, मिथक, वंशावलियाँ और ऐतिहासिक परंपराएँ एक साथ मिलती हैं। इसलिए मौर्य इतिहास की पुष्टि अभिलेखों, बौद्ध-जैन ग्रंथों तथा अन्य स्रोतों से भी की जाती है।
कथन 2 भी सही है। गुप्तकालीन इतिहास के लिए वायु पुराण, विष्णु पुराण और ब्रह्माण्ड पुराण महत्वपूर्ण साहित्यिक स्रोत हैं। वायु पुराण से गुप्त वंश के प्रारम्भिक क्षेत्रीय विस्तार, राजनीतिक व्यवस्था और राजसत्ता से संबंधित जानकारी प्राप्त होती है।
वायु पुराण में गुप्तों के अधीन गंगा क्षेत्र, प्रयाग, साकेत और मगध जैसे क्षेत्रों का उल्लेख मिलता है। पुराणों के कुछ भागों में राजत्व, शासक के कर्तव्यों और प्रजा के प्रति उसके दायित्वों से संबंधित विवरण भी हैं, जिनका उपयोग गुप्तकालीन शासन और राजनीतिक संस्थाओं को समझने में किया गया है।
इसलिए विष्णु पुराण मौर्य वंश के विषय में जानकारी देता है और वायु पुराण गुप्तकालीन शासन तथा राजनीतिक व्यवस्था के अध्ययन में उपयोगी है।