Previous Year Question
चरक संहिता कितने अध्यायों और खंडों में विभाजित है?
80 अध्याय और 7 खंड
60 अध्याय और 8 खंड
120 अध्याय और 8 खंड
100 अध्याय और 5 खंड
Correct Answer: C
Detailed Solution
चरक संहिता आयुर्वेद का अत्यंत महत्वपूर्ण प्राचीन ग्रंथ है और विशेष रूप से कायचिकित्सा अर्थात आंतरिक चिकित्सा का आधारभूत ग्रंथ माना जाता है।
इस ग्रंथ को 8 स्थानों में विभाजित किया गया है और इनमें कुल 120 अध्याय हैं। आठ स्थानों और उनके अध्यायों की संख्या इस प्रकार है—
सूत्रस्थान — 30 अध्याय
निदानस्थान — 8 अध्याय
विमानस्थान — 8 अध्याय
शारीरस्थान — 8 अध्याय
इन्द्रियस्थान — 12 अध्याय
चिकित्सास्थान — 30 अध्याय
कल्पस्थान — 12 अध्याय
सिद्धिस्थान — 12 अध्याय
इनका योग 30 + 8 + 8 + 8 + 12 + 30 + 12 + 12 = 120 अध्याय होता है।
चरक संहिता की रचना-परंपरा भी महत्वपूर्ण है। National Institute of Indian Medical Heritage के अनुसार मूल तंत्र अग्निवेश ने अपने गुरु पुनर्वसु आत्रेय की शिक्षाओं के आधार पर संकलित किया था। बाद में चरक ने इसका प्रतिसंस्कार किया, जिसके कारण ग्रंथ चरक संहिता के नाम से प्रसिद्ध हुआ।
आगे चलकर ग्रंथ के कुछ भाग लुप्त हो गए थे। दृढबल ने इसका पुनः प्रतिसंस्कार किया और खोए हुए 41 अध्यायों को पूर्ण किया। इनमें कल्पस्थान और सिद्धिस्थान के अध्याय तथा चिकित्सास्थान के कुछ लुप्त अध्याय शामिल थे।