Previous Year Question
अशोक के निम्नलिखित शिलालेखों में से कौन-सा धार्मिक समन्वय की बात करता है?
शिलालेख-II
शिलालेख-XII
शिलालेख-XIII
शिलालेख-XI
Correct Answer: B
Detailed Solution
अशोक का प्रमुख शिलालेख XII विभिन्न धार्मिक संप्रदायों के बीच सहिष्णुता, परस्पर सम्मान और धार्मिक सद्भाव की नीति को सबसे स्पष्ट रूप से व्यक्त करता है।
इस शिलालेख में अशोक कहता है कि व्यक्ति को केवल अपने संप्रदाय की प्रशंसा और दूसरे संप्रदाय की निंदा नहीं करनी चाहिए। ऐसा करने से व्यक्ति अपने ही संप्रदाय को हानि पहुँचाता है।
इसके विपरीत दूसरे धार्मिक संप्रदायों का उचित सम्मान किया जाना चाहिए। अशोक का उद्देश्य यह था कि विभिन्न संप्रदायों के लोग एक-दूसरे के धर्म और शिक्षाओं को सुनें, समझें और उनका सम्मान करें।
इस शिलालेख का प्रमुख विचार वाणी पर संयम है। अशोक के अनुसार अपने धर्म के प्रति सम्मान रखते हुए दूसरे धर्मों के प्रति अनावश्यक निंदा से बचना चाहिए। ऐसा व्यवहार अपने धर्म के विकास के साथ दूसरे धर्मों के कल्याण में भी सहायक होता है।
इसी कारण प्रमुख शिलालेख XII को अशोक की धार्मिक सहिष्णुता और धार्मिक समन्वय की नीति का प्रमुख अभिलेखीय प्रमाण माना जाता है।
अन्य विकल्पों में शिलालेख II मनुष्यों और पशुओं के लिए चिकित्सा तथा लोककल्याणकारी उपायों से संबंधित है; शिलालेख XI धम्म के उपहार और धम्म के आचरण की महत्ता बताता है; जबकि शिलालेख XIII कलिंग युद्ध, अशोक के पश्चाताप और धम्म-विजय से संबंधित है।