JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

HISTORY · 2022

Previous Year Question

निम्नलिखित युग्मों में से कौन-सा सही सुमेलित नहीं है?

A.

ईश्वरवर्मन — जौनपुर प्रस्तर अभिलेख

B.

सर्ववर्मन — गया ताम्रपत्र

C.

जीवितगुप्त द्वितीय — देव-बरनार्क अभिलेख

D.

ईशानवर्मन — हरहा पाषाण अभिलेख

Correct Answer: B

Detailed Solution

(a) ईश्वरवर्मन — जौनपुर प्रस्तर अभिलेख: यह युग्म सही है। ईश्वरवर्मन प्रारम्भिक मौखरि शासकों में था। भारतीय पुरातात्त्विक अभिलेख-सूची में जौनपुर अभिलेख को ईश्वरवर्मन से संबंधित अभिलेख के रूप में दर्ज किया गया है। इससे मौखरि वंश की प्रारम्भिक राजनीतिक स्थिति और वंशावली के बारे में जानकारी मिलती है।

(b) सर्ववर्मन — गया ताम्रपत्र: यह युग्म गलत है। गया ताम्रपत्र को समुद्रगुप्त के नाम से सूचीबद्ध किया गया है, सर्ववर्मन के नाम से नहीं। इसमें गया विषय के एक गाँव के भूमि-अनुदान का उल्लेख किया गया है। महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि अभिलेखविद इस ताम्रपत्र को अप्रामाणिक अथवा बाद में निर्मित अभिलेख भी मानते हैं; उसकी लिपि समुद्रगुप्त के वास्तविक काल से काफी बाद की मानी गई है। फिर भी अभिलेखीय सूची में यह ‘Gaya Copper Plate of Samudragupta’ के नाम से दर्ज है। इसलिए इसे सर्ववर्मन से जोड़ना गलत है।

सर्ववर्मन मौखरि शासक था और उसके प्रमाणों में असीरगढ़ ताम्र-मुद्रा तथा नालंदा की मुद्राएँ अधिक स्पष्ट रूप से मिलती हैं।

(c) जीवितगुप्त द्वितीय — देव-बरनार्क अभिलेख: यह युग्म सही है। बिहार के देव-बरनार्क से प्राप्त स्तम्भ अभिलेख जीवितगुप्त द्वितीय के शासन से संबंधित है। इसमें पूर्व में दिए गए भूमि-अनुदान को जारी रखने का उल्लेख मिलता है और यह उत्तर गुप्त इतिहास के अध्ययन का महत्वपूर्ण स्रोत है।

(d) ईशानवर्मन — हरहा पाषाण अभिलेख: यह युग्म भी सही है। हरहा अभिलेख उत्तर प्रदेश के बाराबंकी क्षेत्र से प्राप्त हुआ और यह ईशानवर्मन के शासनकाल तथा उपलब्धियों का प्रमुख स्रोत है। अभिलेख सूर्यवर्मन से भी संबंधित है, जो ईशानवर्मन का पुत्र था; इसी कारण आधुनिक epigraphic databases इसे कभी-कभी Haraha Inscription of Suryavarman तथा वैकल्पिक रूप से Haraha Inscription of Ishanavarman दोनों नामों से सूचीबद्ध करते हैं। इसकी तिथि लगभग 554 ई. मानी जाती है।

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