JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

HISTORY · 2019

Previous Year Question

निम्नलिखित में से किस वंश के शासकों को पुराणों में ‘श्रीपर्वतीय’ कहा गया है?

A.

वाकाटक

B.

इक्ष्वाकु

C.

शक

D.

खारवेल

Correct Answer: B

Detailed Solution

सातवाहनों के पतन के बाद आंध्र क्षेत्र में उभरने वाले इक्ष्वाकु शासकों को पुराणों में ‘श्रीपर्वतीय आंध्र’ कहा गया है। इतिहासकार इनका संबंध नागार्जुनकोंडा क्षेत्र के इक्ष्वाकुओं से स्थापित करते हैं।

श्रीपर्वत उस क्षेत्र का प्राचीन भौगोलिक नाम था, जिसका संबंध नल्लमाला पर्वतमाला और नागार्जुनकोंडा क्षेत्र से था। इक्ष्वाकुओं की राजधानी विजयपुरी थी, जिसके अवशेष नागार्जुनकोंडा क्षेत्र में मिले हैं। इसी श्रीपर्वत क्षेत्र से राजनीतिक संबंध के कारण इन्हें ‘श्रीपर्वतीय’ कहा गया।

इक्ष्वाकु वंश का प्रमुख प्रारम्भिक शासक वाशिष्ठीपुत्र श्री शान्तमूल प्रथम था। उसके बाद वीरपुरुषदत्त जैसे शासक हुए। इन शासकों के अभिलेख नागार्जुनकोंडा तथा आसपास के क्षेत्रों से प्राप्त हुए हैं।

इक्ष्वाकु शासकों की धार्मिक नीति भी उल्लेखनीय थी। शान्तमूल प्रथम ने अश्वमेध और वाजपेय जैसे वैदिक यज्ञ किए और ब्राह्मण धर्म का संरक्षण किया, जबकि राजपरिवार की अनेक महिलाओं ने बौद्ध संस्थाओं, स्तूपों और विहारों को दान दिया। इसलिए उनके शासन में ब्राह्मण और बौद्ध दोनों परंपराओं का संरक्षण दिखाई देता है।

नागार्जुनकोंडा इस काल में एक महत्वपूर्ण बौद्ध धार्मिक और शिक्षण केन्द्र के रूप में विकसित हुआ। यहाँ से अनेक विहार, चैत्य, स्तूप तथा अभिलेख प्राप्त हुए हैं।

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