JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

HISTORY · 2018

Previous Year Question

निम्नलिखित में से कौन-सा स्थल मध्यपाषाण काल में पशुओं को पालतू बनाए जाने का प्रमाण देता है?

A.

ओदाई

B.

बोरी

C.

बागोर

D.

लखनिया

Correct Answer: C

Detailed Solution

बागोर राजस्थान के वर्तमान भीलवाड़ा जिले में कोठारी नदी के बाएँ तट पर स्थित एक महत्वपूर्ण मध्यपाषाणकालीन पुरास्थल है। यह मेवाड़ क्षेत्र में अरावली पहाड़ियों के पूर्व में स्थित है।

बागोर से प्राप्त पशु-अवशेष मध्यपाषाण काल में पशुपालन और पशुओं को पालतू बनाए जाने के महत्वपूर्ण प्रमाण देते हैं। प्रारंभिक अध्ययन में यहाँ प्राप्त पशु-अस्थियों को मुख्यतः जंगली पशुओं से संबंधित माना गया था, लेकिन बाद के विस्तृत उत्खनन और अस्थि-अध्ययन ने इस निष्कर्ष में परिवर्तन किया।

बाद के अध्ययन में बागोर से पालतू भेड़/बकरी तथा मवेशियों की अस्थियाँ बड़ी संख्या में पहचानी गईं। साथ ही जंगली पशुओं के अवशेष भी मिले। इससे स्पष्ट होता है कि यहाँ के लोगों की अर्थव्यवस्था केवल शिकार और संग्रह पर निर्भर नहीं थी, बल्कि पशुपालन भी उसका महत्वपूर्ण अंग बन चुका था।

बागोर का प्रमाण विशेष महत्व रखता है क्योंकि यहाँ पशु-अवशेष व्यवस्थित उत्खनन से प्राप्त हुए हैं और स्थल की रेडियोकार्बन तिथियाँ भी विश्वसनीय मानी गई हैं। इसी आधार पर पुरातत्त्वविदों ने उन्नत मध्यपाषाण चरण में यहाँ पालतू पशुओं की उपस्थिति को मजबूत प्रमाण माना है।

यह खोज यह समझने में महत्वपूर्ण है कि भारतीय उपमहाद्वीप में कुछ मध्यपाषाण समुदाय शिकार-संग्रह आधारित जीवन से धीरे-धीरे पशुपालन आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहे थे। पूर्ण कृषि और विकसित नवपाषाण जीवन से पहले ही कुछ पशु-प्रजातियों का पालन शुरू हो चुका था।

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