JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

HISTORY · 2018

Previous Year Question

निम्नलिखित में से कौन शुक्ल यजुर्वेद की संहिता है?

A.

वाजसनामि

B.

मैत्रायणी

C.

तैत्तिरीय

D.

कठक

Correct Answer: A

Detailed Solution

यजुर्वेद मुख्यतः दो शाखाओं में विभाजित है—शुक्ल यजुर्वेद और कृष्ण यजुर्वेद। दोनों में मुख्य अंतर यह है कि शुक्ल यजुर्वेद में मंत्र-सामग्री अपेक्षाकृत पृथक रूप में व्यवस्थित है, जबकि कृष्ण यजुर्वेद की संहिताओं में मंत्रों के साथ व्याख्यात्मक सामग्री भी मिश्रित रूप में मिलती है।

शुक्ल यजुर्वेद को वाजसनेयी यजुर्वेद भी कहा जाता है। इसकी संहिता वाजसनेयी संहिता कहलाती है। वर्तमान में इसकी दो प्रमुख शाखाएँ उपलब्ध हैं—माध्यन्दिन संहिता और काण्व संहिता।

वैदिक परंपरा के अनुसार याज्ञवल्क्य ने अपने गुरु वैशम्पायन से अलग होने के बाद सूर्य की उपासना की। सूर्य ने उन्हें अश्व अर्थात वाजि के रूप में यजुष् प्रदान किए। इसी परंपरा से वाजसनेयी नाम जुड़ा माना जाता है।

इसके विपरीत तैत्तिरीय संहिता, मैत्रायणी संहिता और कठक संहिता कृष्ण यजुर्वेद से संबंधित हैं। कृष्ण यजुर्वेद की अन्य प्रमुख संहिता कपिष्ठल-कठ संहिता है।

वाजसनेयी संहिता में यज्ञों से संबंधित अनेक मंत्र मिलते हैं। इसके अंतिम अर्थात 40वें अध्याय को ईशावास्य उपनिषद के रूप में भी जाना जाता है, जिससे शुक्ल यजुर्वेद की वैदिक और उपनिषदिक परंपरा का निकट संबंध दिखाई देता है।

Continue practicing free PYQs with your JAGTIV account.