JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

HISTORY · 2017

Previous Year Question

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

(A) पश्चिम गोदावरी जिले के गुंटुपल्ली के प्रारम्भिक चैत्यगृह और विहार शैल-कट हैं।

(B) पूर्वी दक्कन के चैत्य और विहार सामान्यतः शैल-कट हैं।

इन कथनों में—

A.

केवल (A) सही है

B.

केवल (B) सही है

C.

(A) और (B) दोनों सही हैं

D.

न तो (A) और न ही (B) सही है

Correct Answer: C

Detailed Solution

कथन (A) सही है। गुंटुपल्ली वर्तमान आंध्र प्रदेश का महत्वपूर्ण प्रारम्भिक बौद्ध केन्द्र है। यहाँ शैल-कट चैत्य और विहार पाए गए हैं। यहाँ का प्रारम्भिक गोलाकार चैत्यगृह चट्टान को काटकर बनाया गया था और इसमें स्तूप तथा प्रदक्षिणा-पथ की व्यवस्था थी।

गुंटुपल्ली केवल शैल-कट स्थापत्य तक सीमित नहीं था। यहाँ ईंट से बने संरचनात्मक चैत्य, स्तूप और अन्य निर्माण भी मिले हैं। इसलिए स्थल पर शैल-कट तथा संरचनात्मक—दोनों प्रकार की बौद्ध वास्तुकला मौजूद थी। कथन (A) केवल इसके प्रारम्भिक शैल-कट चैत्यगृहों और विहारों की बात करता है, इसलिए वह सही है।

कथन (B) को लेकर उत्तर-कुंजी में विवाद हुआ था। पूर्वी दक्कन में गुंटुपल्ली जैसे शैल-कट उदाहरण अवश्य मिलते हैं, लेकिन अमरावती, नागार्जुनकोंडा तथा अन्य आंध्र स्थलों पर ईंट और पत्थर से निर्मित संरचनात्मक बौद्ध स्मारकों की भी मजबूत परंपरा थी। इसी कारण इस कथन को लेकर अलग-अलग परीक्षाओं में अलग दृष्टिकोण सामने आया।

महत्वपूर्ण बात यह है कि UPPSC की अंतिम उत्तर-कुंजी में (c) अर्थात दोनों कथन सही स्वीकार किया गया था। इस प्रश्न को अभ्यर्थियों ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में भी चुनौती दी थी। अभ्यर्थियों ने तर्क दिया कि केवल कथन (A) सही है और UGC-NET 2013 की समान प्रश्न वाली उत्तर-कुंजी भी इसी मत में थी।

लेकिन UPPSC ने विशेषज्ञ समिति की राय के आधार पर (c) को सही रखा। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उपलब्ध सामग्री की समीक्षा के बाद यह कहा कि आयोग द्वारा दिया गया उत्तर स्पष्ट रूप से गलत सिद्ध नहीं हुआ है और UPPSC के उत्तर (c) में हस्तक्षेप नहीं किया।

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