JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

HISTORY · 2016

Previous Year Question

ऋग्वेद में अनेक स्थानों पर उल्लिखित ‘अघन्या’ नाम किसके लिए प्रयुक्त हुआ है?

A.

पुरोहित

B.

स्त्रियाँ

C.

गायें

D.

ब्राह्मण

Correct Answer: A

Detailed Solution

ऋग्वेद में ‘अघन्या’ शब्द का प्रयोग अनेक स्थानों पर गाय के लिए किया गया है। ‘अघन्या’ का शाब्दिक अर्थ है—जिसका वध नहीं किया जाना चाहिए अथवा जिसे मारना उचित नहीं है।

ऋग्वैदिक समाज मुख्यतः पशुपालक था और उसमें गायों का बहुत अधिक आर्थिक महत्व था। गाय दूध, दही और घी जैसे खाद्य पदार्थों का स्रोत थी और पशुधन को सम्पन्नता का प्रमुख आधार माना जाता था।

गाय केवल भोजन और पशुधन का स्रोत नहीं थी, बल्कि धन, दान और दक्षिणा के रूप में भी उसका महत्व था। ऋग्वैदिक साहित्य में गायों की प्राप्ति के लिए अनेक प्रार्थनाएँ मिलती हैं और युद्ध अथवा संघर्ष के लिए प्रयुक्त ‘गविष्टि’ शब्द का मूल अर्थ भी गायों की खोज या प्राप्ति से संबंधित था।

‘अघन्या’ नाम का बार-बार प्रयोग यह भी दर्शाता है कि ऋग्वैदिक समाज में गाय के प्रति संरक्षण और विशेष सम्मान की भावना विकसित हो रही थी। IGNCA की वैदिक सामाजिक-आर्थिक सामग्री में भी स्पष्ट किया गया है कि गाय के लिए प्रयुक्त अघन्या अर्थात ‘जिसे मारा न जाए’ शब्द उसके विशेष महत्व को दर्शाता है।

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