Previous Year Question
किसने बेगार का प्रयोग किए बिना सुदर्शन झील का जीर्णोद्धार कराया था?
चन्द्रगुप्त मौर्य
बिन्दुसार
अशोक
रुद्रदामन प्रथम
Correct Answer: D
Detailed Solution
सौराष्ट्र के गिरनार क्षेत्र में स्थित सुदर्शन झील का इतिहास कई राजवंशों से जुड़ा हुआ है। इसका मूल निर्माण चन्द्रगुप्त मौर्य के शासनकाल में उसके प्रांतीय राज्यपाल पुष्यगुप्त ने कराया था।
बाद में अशोक के शासनकाल में उसके यवन राज्यपाल तुषास्फ ने इसमें नहरों और जल निकासी की व्यवस्था जोड़कर इसे और विकसित किया। इसलिए चन्द्रगुप्त मौर्य और अशोक दोनों का सुदर्शन झील से संबंध था, लेकिन प्रश्न झील के उस जीर्णोद्धार के बारे में पूछता है जो बेगार के बिना कराया गया था।
लगभग 150 ई., शक संवत् 72 में, अत्यधिक वर्षा और भीषण तूफान के कारण सुदर्शन झील का बाँध टूट गया। जूनागढ़ अभिलेख के अनुसार पश्चिमी क्षत्रप शासक महाक्षत्रप रुद्रदामन प्रथम ने इसके पुनर्निर्माण का आदेश दिया।
मरम्मत का कार्य उसके आनर्त और सौराष्ट्र के प्रांतीय अधिकारी सुविशाख की देखरेख में पूरा हुआ। बाँध को पहले से अधिक मजबूत और विस्तृत बनाया गया।
इस कार्य की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह थी कि इसके लिए जनता पर अतिरिक्त कर, बेगार या अन्य विशेष आर्थिक भार नहीं डाला गया। अभिलेखीय विवरण के अनुसार नगरों और गाँवों के निवासियों को कर, जबरन श्रम अथवा अन्य प्रकार की वसूली से पीड़ित किए बिना यह कार्य पूरा किया गया। मरम्मत का खर्च शासक के कोष से वहन किया गया।
यही कारण है कि सुदर्शन झील के इतिहास में रुद्रदामन का जीर्णोद्धार केवल सिंचाई और जल प्रबंधन के लिए ही नहीं, बल्कि उसके प्रशासनिक दृष्टिकोण के प्रमाण के रूप में भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
बाद में गुप्त सम्राट स्कन्दगुप्त के शासनकाल में बाँध के फिर क्षतिग्रस्त होने पर इसकी एक और मरम्मत कराई गई।