JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

HISTORY · 2013

Previous Year Question

गायत्री मंत्र के नाम से प्रसिद्ध मंत्र सर्वप्रथम किस ग्रन्थ में मिलता है?

A.

भगवद् गीता

B.

अथर्ववेद

C.

ऋग्वेद

D.

मनुस्मृति

Correct Answer: C

Detailed Solution

सही उत्तर ऋग्वेद है।

प्रसिद्ध गायत्री मंत्र का सबसे प्राचीन स्रोत ऋग्वेद है। यह ऋग्वेद के तृतीय मंडल, सूक्त 62, मंत्र 10 अर्थात ऋग्वेद 3.62.10 में मिलता है।

इसका मूल ऋग्वैदिक मंत्र है—

“तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि।
धियो यो नः प्रचोदयात्॥”

यह मंत्र वैदिक देवता सवितृ को समर्पित है। इसमें उस दिव्य तेज का ध्यान करते हुए बुद्धि को प्रेरित और प्रकाशित करने की प्रार्थना की गई है। इसलिए इसे सावित्री मंत्र भी कहा जाता है।

परंपरागत रूप से इस मंत्र के ऋषि विश्वामित्र माने जाते हैं। मंत्र की रचना गायत्री छंद में होने के कारण यह गायत्री मंत्र के नाम से प्रसिद्ध हुआ। गायत्री छंद में सामान्यतः तीन पाद होते हैं और प्रत्येक पाद में आठ अक्षर माने जाते हैं।

एक महत्वपूर्ण अंतर यह है कि आज सामान्यतः बोले जाने वाले रूप में मंत्र से पहले “ॐ भूर्भुवः स्वः” जोड़ा जाता है। लेकिन ऋग्वेद 3.62.10 का मूल मंत्र “तत्सवितुर्वरेण्यं…” से प्रारंभ होता है। बाद की वैदिक और धार्मिक परंपरा में ॐ तथा व्याहृतियों के साथ इसका विस्तृत पाठ प्रचलित हुआ।

भगवद् गीता और मनुस्मृति ऋग्वेद से बहुत बाद के ग्रंथ हैं, जबकि प्रश्न में मंत्र के सर्वप्रथम मिलने का स्थान पूछा गया है। इसलिए सही उत्तर ऋग्वेद है।

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