Previous Year Question
सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए:
सूची-I (वैदिक नदियाँ) | सूची-II (आधुनिक नाम) |
A. कुभा | 1. गंडक |
B. परुष्णी | 2. काबुल |
C. सदानीरा | 3. रावी |
D. शुतुद्री | 4. सतलुज |
कूट:
A-1, B-2, C-4, D-3
A-2, B-3, C-1, D-4
A-3, B-4, C-2, D-1
A-4, B-1, C-3, D-2
Correct Answer: B
Detailed Solution
सही सुमेलन है—कुभा–काबुल, परुष्णी–रावी, सदानीरा–गंडक और शुतुद्री–सतलुज।
A. कुभा — काबुल (2): ऋग्वेद में कुभा नदी का उल्लेख उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र की नदियों में हुआ है। इसकी पहचान आधुनिक काबुल नदी से की जाती है। काबुल नदी अफगानिस्तान से बहते हुए आगे सिंधु नदी में मिलती है। ऋग्वेद के नदी-सूक्त में कुभा का उल्लेख सिंधु की पश्चिमी सहायक नदियों के साथ मिलता है।
B. परुष्णी — रावी (3): वैदिक परुष्णी की पहचान आधुनिक रावी नदी से की जाती है। ऋग्वेद में वर्णित प्रसिद्ध दशराज्ञ युद्ध परुष्णी नदी के तट पर लड़ा गया था, जिसमें भरत जन के राजा सुदास ने विरोधी जनों के संघ को पराजित किया था। बाद के साहित्य में रावी को इरावती नाम से भी जाना गया।
C. सदानीरा — गंडक (1): सदानीरा की पहचान सामान्यतः आधुनिक गंडक नदी से की जाती है। उत्तर वैदिक साहित्य, विशेषकर शतपथ ब्राह्मण, में सदानीरा का उल्लेख पूर्व की ओर वैदिक संस्कृति के विस्तार से संबंधित प्रसंग में मिलता है। यह कोशल और विदेह से जुड़े प्राचीन भौगोलिक क्षेत्र की महत्वपूर्ण नदी थी।
D. शुतुद्री — सतलुज (4): ऋग्वैदिक शुतुद्री आधुनिक सतलुज नदी है। नदी-सूक्त में इसका उल्लेख पंजाब की प्रमुख नदियों में हुआ है। ऋग्वेद में विपाशा और शुतुद्री को पार करने से संबंधित प्रसंग भी मिलता है।