Previous Year Question
गिरनार क्षेत्र में जल संसाधन प्रबंधन की पहल करने वाला निम्नलिखित में से कौन प्रथम था?
चन्द्रगुप्त मौर्य
अशोक
रुद्रदामन
स्कन्दगुप्त
Correct Answer: A
Detailed Solution
सही उत्तर चन्द्रगुप्त मौर्य है।
गिरनार क्षेत्र में जल संसाधन प्रबंधन का सबसे प्रारंभिक ज्ञात प्रयास चन्द्रगुप्त मौर्य के शासनकाल में हुआ। उसके प्रांतीय राज्यपाल पुष्यगुप्त ने गिरनार पर्वत से निकलने वाली नदियों और जलधाराओं पर बाँध बनवाकर प्रसिद्ध सुदर्शन झील का निर्माण कराया।
सुदर्शन झील केवल जल-संग्रह के लिए नहीं थी। इससे सिंचाई की व्यवस्था भी विकसित हुई और यह सौराष्ट्र क्षेत्र के कृषि तथा जल प्रबंधन का महत्वपूर्ण आधार बनी। इसलिए इस क्षेत्र में व्यवस्थित जल संसाधन प्रबंधन की शुरुआत चन्द्रगुप्त मौर्य के काल से मानी जाती है।
बाद में अशोक के शासनकाल में उसके यवन राज्यपाल तुषास्फ ने इस झील में नालियों तथा जल निकासी की व्यवस्था कराकर इसका विस्तार और सुधार कराया। इससे स्पष्ट है कि अशोक के समय कार्य आगे बढ़ा, लेकिन मूल निर्माण उससे पहले हो चुका था।
लगभग 150 ई. में भारी वर्षा और तूफान से बाँध क्षतिग्रस्त होने पर पश्चिमी क्षत्रप शासक रुद्रदामन प्रथम ने सुदर्शन झील की मरम्मत कराई। आगे स्कन्दगुप्त के शासनकाल में बाँध के फिर टूटने पर उसके प्रशासन के अंतर्गत इसका पुनर्निर्माण कराया गया।
इस प्रकार क्रम स्पष्ट है—चन्द्रगुप्त मौर्य के समय निर्माण, अशोक के समय सुधार, रुद्रदामन के समय मरम्मत और स्कन्दगुप्त के समय पुनः मरम्मत। इसलिए जल संसाधन प्रबंधन की पहली पहल का श्रेय चन्द्रगुप्त मौर्य के शासनकाल को दिया जाता है।