JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

SCIENCE & TECHNOLOGY · 2011

Previous Year Question

दूरसंचार प्रसारण के लिए प्रयुक्त उपग्रहों को भूस्थिर कक्षा में रखा जाता है। कोई उपग्रह ऐसी कक्षा में तब होता है, जब

  1. कक्षा भू-तुल्यकालिक होती है।

  2. कक्षा वृत्ताकार होती है।

  3. कक्षा पृथ्वी के विषुवत्-वृत्त के समतल में होती है।

  4. कक्षा 22,236 किमी की ऊँचाई पर होती है।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

A.

1, 2 और 3

B.

1, 3 और 4

C.

2 और 4

D.

1, 2, 3 और 4

Correct Answer: A

Detailed Solution

कथन 1 सही है।

  • भूस्थिर कक्षा का उपग्रह भू-तुल्यकालिक होता है।

  • इसका orbital period पृथ्वी के sidereal rotation period के बराबर, लगभग 23 घंटे 56 मिनट 4 सेकंड, होता है।

  • इसलिए उपग्रह पृथ्वी के घूर्णन के साथ समान कोणीय वेग से परिक्रमा करता है।

कथन 2 सही है।

  • भूस्थिर उपग्रह की कक्षा वृत्ताकार अथवा लगभग पूर्णतः वृत्ताकार होनी चाहिए।

  • यदि कक्षा दीर्घवृत्ताकार हो, तो पृथ्वी से देखने पर उपग्रह की स्थिति पूर्व-पश्चिम दिशा में बदलती दिखाई देगी और वह वास्तव में स्थिर नहीं दिखेगा।

कथन 3 सही है।

  • कक्षा पृथ्वी के विषुवत्-वृत्त के समतल में होनी चाहिए; अर्थात् इसका inclination लगभग 0° होना चाहिए।

  • उपग्रह को पृथ्वी के घूर्णन की दिशा में, पश्चिम से पूर्व, परिक्रमा करनी चाहिए।

  • यदि inclination शून्य न हो, तो पृथ्वी से देखने पर उपग्रह उत्तर-दक्षिण दिशा में चलता दिखाई देगा।

कथन 4 सही नहीं है।

  • भूस्थिर कक्षा पृथ्वी की सतह से लगभग 35,786 किमी की ऊँचाई पर होती है, न कि 22,236 किमी पर।

  • पृथ्वी के केंद्र से इसकी orbital radius लगभग 42,164 किमी होती है।

  • 22,236 वास्तव में लगभग मील में भूस्थिर कक्षा की ऊँचाई है, किमी में नहीं। 22,236 miles लगभग 35,786 km के बराबर है।

Geosynchronous और Geostationary में अंतर

  • प्रत्येक geostationary satellite geosynchronous होता है, क्योंकि उसका orbital period पृथ्वी के rotation period के बराबर होता है।

  • लेकिन प्रत्येक geosynchronous satellite geostationary नहीं होता।

  • Geostationary बनने के लिए कक्षा का भू-तुल्यकालिक होने के साथ-साथ वृत्ताकार, विषुवतीय और पृथ्वी के घूर्णन की दिशा में होना आवश्यक है।

  • inclined अथवा elliptical geosynchronous orbit में उपग्रह पृथ्वी से स्थिर दिखाई नहीं देता।

दूरसंचार के लिए भूस्थिर कक्षा उपयोगी क्यों है?

  • उपग्रह पृथ्वी पर एक निश्चित देशांतर के ऊपर स्थिर दिखाई देता है।

  • Ground antenna को उपग्रह का लगातार पीछा करने की आवश्यकता नहीं होती; उसे एक निश्चित दिशा में रखा जा सकता है।

  • एक भूस्थिर उपग्रह पृथ्वी की सतह के बहुत बड़े भाग को signal coverage दे सकता है।

  • इसका उपयोग television broadcasting, telephone connectivity, weather communication, satellite news gathering और आपदा-संचार में किया जाता है।

  • अधिक ऊँचाई के कारण signal को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे GEO communication में LEO systems की तुलना में अधिक latency होती है।

  • भूस्थिर उपग्रहों से ध्रुवीय क्षेत्रों में coverage कमजोर होती है, क्योंकि वे विषुवत्-वृत्त के ऊपर स्थित होते हैं।

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