Previous Year Question
दूरसंचार प्रसारण के लिए प्रयुक्त उपग्रहों को भूस्थिर कक्षा में रखा जाता है। कोई उपग्रह ऐसी कक्षा में तब होता है, जब
कक्षा भू-तुल्यकालिक होती है।
कक्षा वृत्ताकार होती है।
कक्षा पृथ्वी के विषुवत्-वृत्त के समतल में होती है।
कक्षा 22,236 किमी की ऊँचाई पर होती है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
1, 2 और 3
1, 3 और 4
2 और 4
1, 2, 3 और 4
Correct Answer: A
Detailed Solution
कथन 1 सही है।
भूस्थिर कक्षा का उपग्रह भू-तुल्यकालिक होता है।
इसका orbital period पृथ्वी के sidereal rotation period के बराबर, लगभग 23 घंटे 56 मिनट 4 सेकंड, होता है।
इसलिए उपग्रह पृथ्वी के घूर्णन के साथ समान कोणीय वेग से परिक्रमा करता है।
कथन 2 सही है।
भूस्थिर उपग्रह की कक्षा वृत्ताकार अथवा लगभग पूर्णतः वृत्ताकार होनी चाहिए।
यदि कक्षा दीर्घवृत्ताकार हो, तो पृथ्वी से देखने पर उपग्रह की स्थिति पूर्व-पश्चिम दिशा में बदलती दिखाई देगी और वह वास्तव में स्थिर नहीं दिखेगा।
कथन 3 सही है।
कक्षा पृथ्वी के विषुवत्-वृत्त के समतल में होनी चाहिए; अर्थात् इसका inclination लगभग 0° होना चाहिए।
उपग्रह को पृथ्वी के घूर्णन की दिशा में, पश्चिम से पूर्व, परिक्रमा करनी चाहिए।
यदि inclination शून्य न हो, तो पृथ्वी से देखने पर उपग्रह उत्तर-दक्षिण दिशा में चलता दिखाई देगा।
कथन 4 सही नहीं है।
भूस्थिर कक्षा पृथ्वी की सतह से लगभग 35,786 किमी की ऊँचाई पर होती है, न कि 22,236 किमी पर।
पृथ्वी के केंद्र से इसकी orbital radius लगभग 42,164 किमी होती है।
22,236 वास्तव में लगभग मील में भूस्थिर कक्षा की ऊँचाई है, किमी में नहीं। 22,236 miles लगभग 35,786 km के बराबर है।
Geosynchronous और Geostationary में अंतर
प्रत्येक geostationary satellite geosynchronous होता है, क्योंकि उसका orbital period पृथ्वी के rotation period के बराबर होता है।
लेकिन प्रत्येक geosynchronous satellite geostationary नहीं होता।
Geostationary बनने के लिए कक्षा का भू-तुल्यकालिक होने के साथ-साथ वृत्ताकार, विषुवतीय और पृथ्वी के घूर्णन की दिशा में होना आवश्यक है।
inclined अथवा elliptical geosynchronous orbit में उपग्रह पृथ्वी से स्थिर दिखाई नहीं देता।
दूरसंचार के लिए भूस्थिर कक्षा उपयोगी क्यों है?
उपग्रह पृथ्वी पर एक निश्चित देशांतर के ऊपर स्थिर दिखाई देता है।
Ground antenna को उपग्रह का लगातार पीछा करने की आवश्यकता नहीं होती; उसे एक निश्चित दिशा में रखा जा सकता है।
एक भूस्थिर उपग्रह पृथ्वी की सतह के बहुत बड़े भाग को signal coverage दे सकता है।
इसका उपयोग television broadcasting, telephone connectivity, weather communication, satellite news gathering और आपदा-संचार में किया जाता है।
अधिक ऊँचाई के कारण signal को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे GEO communication में LEO systems की तुलना में अधिक latency होती है।
भूस्थिर उपग्रहों से ध्रुवीय क्षेत्रों में coverage कमजोर होती है, क्योंकि वे विषुवत्-वृत्त के ऊपर स्थित होते हैं।