Previous Year Question
पृथ्वी की परिक्रमा करने वाला कृत्रिम उपग्रह नीचे नहीं गिरता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि पृथ्वी का आकर्षण
इतनी दूरी पर विद्यमान नहीं होता
चंद्रमा के आकर्षण द्वारा निष्प्रभावी हो जाता है
उसकी स्थिर गति के लिए आवश्यक चाल प्रदान करता है
उसकी गति के लिए आवश्यक त्वरण प्रदान करता है
Correct Answer: D
Detailed Solution
कृत्रिम उपग्रह पर पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण लगातार कार्य करता है। वास्तव में उपग्रह पृथ्वी की ओर निरंतर मुक्त पतन (free fall) में रहता है, लेकिन उसकी पर्याप्त स्पर्शरेखीय चाल के कारण वह पृथ्वी से टकराने के बजाय उसके चारों ओर घूमता रहता है।
विकल्प (d) सही है।
वृत्ताकार कक्षा में उपग्रह को लगातार अपनी गति की दिशा बदलने के लिए अभिकेन्द्रीय त्वरण की आवश्यकता होती है।
यह आवश्यक अभिकेन्द्रीय त्वरण पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण प्रदान करता है।
गुरुत्वीय त्वरण:
वृत्ताकार गति के लिए आवश्यक अभिकेन्द्रीय त्वरण:
स्थिर वृत्ताकार कक्षा के लिए:
इससे उपग्रह की आवश्यक कक्षीय चाल प्राप्त होती है:
यहाँ M पृथ्वी का द्रव्यमान, r पृथ्वी के केंद्र से उपग्रह की दूरी और G सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक है।
अन्य विकल्पों का परीक्षण
विकल्प (a) गलत है: पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण उपग्रह की ऊँचाई पर भी विद्यमान रहता है। ऊँचाई बढ़ने पर यह कम होता है, समाप्त नहीं होता।
विकल्प (b) गलत है: सामान्य पृथ्वी-कक्षा में चंद्रमा का आकर्षण पृथ्वी के आकर्षण को निष्प्रभावी नहीं करता।
विकल्प (c) गलत है: पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण उपग्रह को उसकी प्रारम्भिक स्पर्शरेखीय चाल प्रदान नहीं करता। यह चाल launch vehicle द्वारा दी जाती है। वृत्ताकार कक्षा में गुरुत्वाकर्षण मुख्यतः चाल की दिशा बदलकर अभिकेन्द्रीय त्वरण प्रदान करता है।
विकल्प (d) सही है: गुरुत्वाकर्षण उपग्रह को पृथ्वी के चारों ओर बनाए रखने वाला आवश्यक अभिकेन्द्रीय त्वरण प्रदान करता है।
कक्षा से सीधे संबंधित महत्त्वपूर्ण तथ्य
यदि उपग्रह की स्पर्शरेखीय चाल आवश्यक कक्षीय चाल से बहुत कम हो, तो उसकी कक्षा पृथ्वी को काट सकती है और वह नीचे गिर सकता है।
यदि चाल पर्याप्त हो, तो पृथ्वी की ओर गिरते हुए भी पृथ्वी की गोलाकार सतह उतनी ही तेजी से उसके नीचे मुड़ती जाती है; इसलिए उपग्रह पृथ्वी से टकराए बिना परिक्रमा करता रहता है।
यदि चाल स्थानीय escape velocity तक पहुँच जाए, तो उपग्रह पृथ्वी के गुरुत्वीय बंधन से बाहर निकल सकता है।
निम्न पृथ्वी कक्षा में अत्यंत विरल वायुमंडल के कारण थोड़ा drag बना रहता है। इससे उपग्रह की ऊर्जा और ऊँचाई धीरे-धीरे कम हो सकती है; इसलिए कुछ उपग्रहों को orbital correction या reboost की आवश्यकता होती है।