Previous Year Question
निम्नलिखित में से किसके कार्यकलापों के संदर्भ में ‘विशेष रक्षोपाय तंत्र’ पद का उल्लेख समाचारों में प्रायः किया जाता है?
संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम
विश्व व्यापार संगठन
ASEAN-भारत मुक्त व्यापार समझौता
G-20 शिखर सम्मेलन
Correct Answer: B
Detailed Solution
Special Safeguard Mechanism—SSM विश्व व्यापार संगठन की कृषि वार्ताओं से संबंधित प्रस्तावित व्यवस्था है। इसका उद्देश्य developing countries को कृषि आयात में अचानक वृद्धि अथवा आयात-मूल्य में तेज गिरावट से अपने किसानों की रक्षा करने के लिए अस्थायी रूप से अतिरिक्त import duty लगाने की सुविधा देना है।
SSM को दो परिस्थितियों में लागू करने की परिकल्पना की गई है:
Volume trigger: जब किसी कृषि उत्पाद के आयात की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक बढ़ जाए।
Price trigger: जब आयातित कृषि उत्पाद का मूल्य निर्धारित reference price से पर्याप्त नीचे गिर जाए।
ऐसी स्थिति में developing country अस्थायी रूप से लागू tariff से अधिक अतिरिक्त duty लगा सकता है। इसका उद्देश्य स्थायी protectionism नहीं, बल्कि छोटे और vulnerable किसानों को अचानक आने वाले import shock से बचाना है।
SSM की आवश्यकता क्यों मानी गई?
विकासशील देशों में कृषि केवल commercial activity नहीं है। इससे बड़ी संख्या में लोगों की:
आजीविका;
खाद्य सुरक्षा;
ग्रामीण रोजगार;
और आय-सुरक्षा जुड़ी होती है।
यदि heavily subsidised अथवा बहुत सस्ते agricultural imports अचानक बढ़ जाते हैं, तो घरेलू कृषि कीमतें गिर सकती हैं और स्थानीय किसानों की आय प्रभावित हो सकती है। SSM ऐसी असाधारण परिस्थितियों में अस्थायी सुरक्षा प्रदान करने का प्रस्ताव है।
SSM और Special Safeguard—SSG में अंतर
दोनों को एक नहीं समझना चाहिए:
आधार | Special Safeguard—SSG | Special Safeguard Mechanism—SSM |
कानूनी आधार | Agreement on Agriculture का Article 5 | Doha कृषि वार्ताओं में प्रस्तावित तंत्र |
उपलब्धता | केवल उन सदस्यों और उत्पादों के लिए जिनके schedule में अधिकार सुरक्षित है | developing countries के लिए प्रस्तावित |
स्थिति | WTO Agreement में विद्यमान व्यवस्था | अभी तक पूरी तरह सहमत और लागू व्यवस्था नहीं |
आधार | Import surge या price fall | प्रस्तावित volume और price triggers |
वर्ष 2008 की WTO Doha Round वार्ताओं में SSM एक प्रमुख विवाद का विषय था। विशेष रूप से इस बात पर सहमति नहीं बन सकी कि अतिरिक्त tariff लगाने के लिए import surge का trigger कितना होना चाहिए और tariff को pre-Doha bound rate से कितना ऊपर जाने दिया जाए।
इसलिए प्रश्न का संबंध WTO से है, न कि UNEP, ASEAN-India FTA अथवा G-20 से।
वर्तमान स्थिति (2026)
SSM पर WTO की कृषि वार्ताओं में अभी तक अंतिम बहुपक्षीय सहमति नहीं बनी है। Developing-country members इसे food security और livelihood security के लिए आवश्यक मानते हैं, जबकि अन्य सदस्य इसके अत्यधिक उपयोग से agricultural trade बाधित होने की चिंता व्यक्त करते हैं।
अतः SSM अभी भी WTO agriculture negotiations का विषय है; इसे सभी developing countries के लिए पूर्णतः लागू मौजूदा अधिकार नहीं समझना चाहिए।