JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

ECONOMY · 2010

Previous Year Question

भारत को प्राप्त होने वाले प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) का बहुत बड़ा भाग यूनाइटेड किंगडम और फ्रांस जैसी अनेक प्रमुख तथा परिपक्व अर्थव्यवस्थाओं की अपेक्षा मॉरीशस से आता है। क्यों?

A.

FDI प्राप्त करने के मामले में भारत कुछ देशों को अधिमान देता है।

B.

भारत का मॉरीशस के साथ दोहरा कराधान परिहार समझौता है।

C.

मॉरीशस के अधिकांश नागरिकों की भारत के साथ नृजातीय पहचान है और इसलिए वे भारत में निवेश करना सुरक्षित समझते हैं।

D.

वैश्विक जलवायु परिवर्तन के आसन्न खतरों के कारण मॉरीशस भारत में भारी निवेश करने के लिए प्रेरित हुआ है।

Correct Answer: B

Detailed Solution

भारत और मॉरीशस के बीच Double Taxation Avoidance Agreement—DTAA होने के कारण ऐतिहासिक रूप से मॉरीशस भारत में निवेश का एक प्रमुख मार्ग बना।

DTAA का उद्देश्य एक ही आय पर दो देशों में कर लगाए जाने से बचाना और यह निर्धारित करना है कि किसी cross-border income अथवा capital gain पर कर लगाने का अधिकार किस देश को होगा।

वर्ष 2010 में प्रचलित व्यवस्था

प्रश्न पूछे जाने के समय भारत-मॉरीशस DTAA के पुराने Article 13 के अंतर्गत भारतीय company के shares की बिक्री से होने वाले capital gains पर कर लगाने का अधिकार सामान्यतः उस देश को था जहाँ investor resident था।

इसका प्रभाव इस प्रकार था:

  • Mauritius-resident entity द्वारा भारतीय shares बेचने पर capital gains की taxation मुख्यतः मॉरीशस में होती थी।

  • उस समय मॉरीशस में ऐसे capital gains पर प्रभावी कर बहुत कम अथवा शून्य हो सकता था।

  • इसलिए अनेक international investors मॉरीशस में company अथवा investment vehicle बनाकर भारत में निवेश करते थे।

  • इस कारण भारत के FDI आँकड़ों में निवेश का immediate source मॉरीशस दिखाई देता था, भले ही ultimate investor किसी अन्य देश से संबंधित हो।

इस व्यवस्था ने मॉरीशस को भारत में FDI और portfolio investment के लिए एक अनुकूल investment-routing jurisdiction बना दिया था।

विकल्पों का परीक्षण

विकल्प (a) गलत है। भारत सामान्य रूप से किसी देश को केवल उसकी राष्ट्रीयता के आधार पर FDI प्राप्त करने में विशेष अधिमान नहीं देता। FDI entry route और sectoral conditions लागू नीति द्वारा निर्धारित होते हैं।

विकल्प (b) सही है। भारत-मॉरीशस DTAA की तत्कालीन capital-gains व्यवस्था मॉरीशस के माध्यम से निवेश आने का प्रमुख कारण थी।

विकल्प (c) गलत है। मॉरीशस के भारतवंशी नागरिकों की बड़ी जनसंख्या इस प्रकार के बड़े institutional investment flows की कर-संबंधी व्याख्या नहीं करती।

विकल्प (d) गलत है। Climate-change vulnerability का इस FDI-routing pattern से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं था।

वर्तमान स्थिति (2026)

वर्ष 2016 में भारत और मॉरीशस ने DTAA में संशोधन के लिए एक Protocol पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद shares से होने वाले capital gains की कर-व्यवस्था में महत्त्वपूर्ण परिवर्तन हुए:

  • 1 अप्रैल 2017 से पहले प्राप्त shares को grandfathering protection दी गई। उन shares की बाद की बिक्री पर पुरानी treaty व्यवस्था लागू रह सकती थी।

  • 1 अप्रैल 2017 से 31 मार्च 2019 के संक्रमणकाल में निर्धारित शर्तों के अधीन source-country tax rate का 50% लागू किया गया।

  • 1 अप्रैल 2019 से, उसके बाद प्राप्त shares की बिक्री पर भारत को अपनी घरेलू दर से capital gains tax लगाने का अधिकार मिला।

  • संक्रमणकालीन लाभ के लिए Limitation of Benefits—LOB संबंधी शर्तें लागू थीं।

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