Previous Year Question
निम्नलिखित में से कौन भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में सम्मिलित होगा?
भारत में विदेशी कंपनियों की सहायक कंपनियाँ
भारतीय कंपनियों में बहुसंख्यक विदेशी इक्विटी धारिता
विदेशी कंपनियों द्वारा पूर्णतः वित्तपोषित कंपनियाँ
पोर्टफोलियो निवेश
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
1, 2, 3 और 4
केवल 2 और 4
केवल 1 और 3
केवल 1, 2 और 3
Correct Answer: D
Detailed Solution
Foreign Direct Investment—FDI ऐसा cross-border investment है जिसमें विदेशी निवेशक किसी enterprise में दीर्घकालिक हित, स्वामित्व अथवा पर्याप्त प्रभाव स्थापित करता है।
कथन 1: विदेशी कंपनियों की भारतीय सहायक कंपनियाँ—सही
जब कोई विदेशी company भारत में अपनी subsidiary स्थापित करती है, तो सामान्यतः वह उस company के प्रबंधन और नीतिगत निर्णयों पर control अथवा significant influence रखती है।
इसलिए subsidiary में किया गया निवेश FDI के अंतर्गत आता है।
कथन 2: बहुसंख्यक विदेशी इक्विटी धारिता—सही
यदि किसी भारतीय company में विदेशी investor की equity holding 50% से अधिक है, तो वह सामान्यतः company पर control स्थापित कर सकता है।
FDI classification के लिए प्रत्येक स्थिति में 50% ownership आवश्यक नहीं होती; अपेक्षाकृत कम ownership पर भी significant influence स्थापित हो सकता है। इसलिए majority foreign equity holding निश्चित रूप से FDI की श्रेणी में आएगी।
कथन 3: विदेशी कंपनियों द्वारा पूर्णतः वित्तपोषित कंपनियाँ—सही
यदि किसी भारतीय company की पूरी equity capital किसी विदेशी company द्वारा प्रदान की गई है, तो वह सामान्यतः Wholly Owned Subsidiary—WOS होगी।
ऐसी company में विदेशी investor के पास पूर्ण ownership और control होता है। इसलिए यह FDI का स्पष्ट उदाहरण है।
कथन 4: पोर्टफोलियो निवेश—गलत
Portfolio investment में investor shares और securities से financial return प्राप्त करना चाहता है, लेकिन enterprise के management पर control अथवा significant influence स्थापित करना उसका प्रमुख उद्देश्य नहीं होता।
इसलिए FDI और Foreign Portfolio Investment—FPI अलग-अलग श्रेणियाँ हैं।
आधार | FDI | FPI |
उद्देश्य | दीर्घकालिक हित और प्रभाव | वित्तीय प्रतिफल |
प्रबंधन में भूमिका | control अथवा significant influence संभव | सामान्यतः प्रबंधकीय control नहीं |
निवेश की प्रकृति | अपेक्षाकृत स्थायी | अधिक liquid और market-driven |
सामान्य माध्यम | subsidiary, joint venture, strategic equity | listed shares, bonds और securities |
अतः कथन 1, 2 और 3 FDI में सम्मिलित हैं, जबकि portfolio investment अलग श्रेणी है।
वर्तमान भारतीय कानूनी स्थिति (2026)
Foreign Exchange Management (Non-Debt Instruments) Rules के अनुसार:
किसी unlisted Indian company में भारत से बाहर रहने वाले व्यक्ति द्वारा equity instruments में किया गया निवेश FDI माना जाता है।
किसी listed Indian company की fully diluted paid-up equity capital के 10% या अधिक में किया गया विदेशी निवेश FDI माना जाता है।
सूचीबद्ध company में विदेशी investment 10% से कम होने पर सामान्यतः इसे FPI माना जाता है।
एक बार FDI के रूप में वर्गीकृत investment बाद में 10% से नीचे आने पर भी FDI ही बना रहता है।
इस प्रकार majority holding या 100% ownership FDI के स्पष्ट उदाहरण हैं, परंतु FDI के लिए हमेशा majority ownership आवश्यक नहीं है।