JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

ECONOMY · 2013

Previous Year Question

निम्नलिखित में से मदों का कौन-सा एक समूह भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में सम्मिलित है?

A.

विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियाँ, विशेष आहरण अधिकार और विदेशी देशों से प्राप्त ऋण

B.

विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियाँ, RBI की स्वर्ण धारिताएँ और विशेष आहरण अधिकार

C.

विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियाँ, विश्व बैंक से प्राप्त ऋण और विशेष आहरण अधिकार

D.

विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियाँ, RBI की स्वर्ण धारिताएँ और विश्व बैंक से प्राप्त ऋण

Correct Answer: B

Detailed Solution

भारत का foreign-exchange reserve भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा धारित उन external reserve assets से बनता है जो अंतरराष्ट्रीय भुगतान, foreign-exchange market intervention और बाहरी आर्थिक संकट की स्थिति में उपयोग किए जा सकते हैं।

RBI के अनुसार भारत के foreign-exchange reserves के चार प्रमुख घटक हैं:

  1. Foreign Currency Assets—FCA

  2. Gold

  3. Special Drawing Rights—SDRs

  4. Reserve Tranche Position—RTP in IMF

विकल्प (b) में दिए गए तीनों घटक—Foreign Currency Assets, RBI की gold holdings और SDRs—भारत के foreign-exchange reserves में सम्मिलित हैं। इसलिए विकल्प (b) सही है। यह विकल्प reserve के सभी चार घटकों की पूर्ण सूची नहीं देता, क्योंकि इसमें IMF की Reserve Tranche Position नहीं दी गई है; परंतु इसके सभी उल्लिखित घटक सही हैं।

1. Foreign Currency Assets

FCA भारत के foreign-exchange reserves का प्रमुख घटक है। इनमें foreign currencies में रखी गई deposits, securities और अन्य reserve assets सम्मिलित हो सकते हैं।

RBI इन्हें अमेरिकी डॉलर में रिपोर्ट करता है। इसलिए FCA के dollar value में परिवर्तन केवल नई विदेशी मुद्रा आने-जाने से नहीं, बल्कि euro, pound, yen जैसी currencies के dollar के विरुद्ध मूल्य में बदलाव से भी हो सकता है। इसे valuation effect कहा जाता है।

2. Gold holdings

RBI द्वारा reserve purpose के लिए धारित monetary gold भी foreign-exchange reserves का हिस्सा है। इसके dollar value में परिवर्तन निम्न कारणों से हो सकता है:

  • RBI द्वारा gold की खरीद अथवा बिक्री।

  • अंतरराष्ट्रीय बाजार में gold price का बदलना।

  • valuation adjustments।

3. Special Drawing Rights

SDR, IMF द्वारा निर्मित एक international reserve asset है। यह स्वयं कोई मुद्रा नहीं है। IMF सदस्य देश अपनी SDR holdings को आवश्यकता पड़ने पर freely usable currencies में बदल सकते हैं।

4. Reserve Tranche Position in IMF

यह IMF में सदस्य देश की ऐसी reserve position है जिसे आवश्यकता पड़ने पर अपेक्षाकृत शीघ्र प्राप्त किया जा सकता है। इसलिए इसे भी foreign-exchange reserves में शामिल किया जाता है।

विदेशी ऋण reserves का घटक क्यों नहीं है?

विदेशी देशों अथवा World Bank से प्राप्त loan देश की external liability होता है, reserve asset नहीं।

ऋण से प्राप्त धनराशि कुछ समय के लिए foreign-exchange reserves बढ़ा सकती है, परंतु loan स्वयं reserve का घटक नहीं बन जाता। ऋण को भविष्य में ब्याज सहित चुकाना पड़ता है।

इसीलिए विकल्प (a), (c) और (d) गलत हैं, क्योंकि उनमें foreign loans अथवा World Bank loans को foreign-exchange reserve का घटक बताया गया है।

वर्तमान स्थिति (2026)

RBI अभी भी भारत के foreign-exchange reserves को इन्हीं चार घटकों में प्रकाशित करता है:

Forex Reserves = FCA + Gold + SDRs + RTP in IMF

RBI इन आँकड़ों को अपने Weekly Statistical Supplement में सामान्यतः साप्ताहिक रूप से प्रकाशित करता है। किसी तिथि के reserve आंकड़े का विश्लेषण करते समय flows के साथ valuation changes को भी ध्यान में रखना आवश्यक है।

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