Previous Year Question
‘बिटकॉइन’ के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
बिटकॉइन देशों के केंद्रीय बैंकों द्वारा अनुवीक्षित होते हैं।
बिटकॉइन पते वाला कोई भी व्यक्ति बिटकॉइन पते वाले किसी अन्य व्यक्ति से बिटकॉइन भेज और प्राप्त कर सकता है।
ऑनलाइन अदायगी, दोनों में से किसी एक पक्ष को दूसरे की पहचान जाने बिना, की जा सकती है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
केवल 1 और 2
केवल 2 और 3
केवल 3
1, 2 और 3
Correct Answer: B
Detailed Solution
कथन 1 गलत है। Bitcoin किसी केंद्रीय बैंक द्वारा जारी, नियंत्रित अथवा संचालित मुद्रा नहीं है। इसका संचालन एक decentralised peer-to-peer network और blockchain technology के माध्यम से होता है।
Bitcoin transactions को network के participants सत्यापित करते हैं और blockchain नामक distributed ledger में दर्ज करते हैं। इसलिए यह कहना सही नहीं है कि Bitcoin देशों के केंद्रीय बैंकों द्वारा अनुवीक्षित होता है।
यहाँ दो बातों में अंतर आवश्यक है:
प्रत्येक Bitcoin transaction का blockchain पर दर्ज होना।
केंद्रीय बैंक द्वारा Bitcoin को जारी या उसके network को नियंत्रित करना।
पहली बात सही है, जबकि दूसरी नहीं। सरकारें और जाँच एजेंसियाँ blockchain data का विश्लेषण कर सकती हैं, लेकिन इससे Bitcoin केंद्रीय बैंक द्वारा संचालित मुद्रा नहीं बनता।
कथन 2 सही है। Bitcoin address वाला व्यक्ति network के नियमों के अनुसार किसी दूसरे Bitcoin address पर Bitcoin भेज सकता है और उससे प्राप्त कर सकता है। Transaction को authorize करने के लिए sender की संबंधित private key का प्रयोग किया जाता है।
Private key स्वामित्व और transaction authorization का आधार है। Bitcoin address को bank account number से पूरी तरह समान नहीं माना जा सकता, क्योंकि Bitcoin network में कोई केंद्रीय बैंक अथवा केंद्रीय account administrator नहीं होता।
कथन 3 सही है। Bitcoin payment करने के लिए दोनों पक्षों का एक-दूसरे की वास्तविक पहचान जानना तकनीकी रूप से आवश्यक नहीं है। Transaction Bitcoin addresses के बीच हो सकता है।
परंतु Bitcoin को पूर्णतः anonymous कहना सही नहीं है। इसे अधिक उपयुक्त रूप से pseudonymous कहा जाता है, क्योंकि:
Bitcoin transactions सार्वजनिक blockchain पर दर्ज होते हैं।
भेजने और प्राप्त करने वाले addresses देखे जा सकते हैं।
Transaction की राशि तथा समय का विश्लेषण किया जा सकता है।
यदि कोई address KYC-compliant exchange अथवा वास्तविक व्यक्ति से जुड़ जाए, तो संबंधित transactions का पता लगाया जा सकता है।
इसलिए परीक्षा के संदर्भ में कथन 3 सही है—दोनों पक्ष एक-दूसरे की वास्तविक पहचान जाने बिना भुगतान कर सकते हैं—लेकिन इसका अर्थ transactions का पूरी तरह अप्राप्य अथवा गुप्त होना नहीं है।
वर्तमान स्थिति (2026)
वर्ष 2016 के बाद virtual assets की regulatory monitoring काफी बढ़ी है। FATF standards के अंतर्गत Virtual Asset Service Providers—VASPs के लिए customer due diligence, transaction monitoring तथा suspicious transaction reporting जैसे AML/CFT उपाय विकसित किए गए हैं।
फिर भी Bitcoin किसी देश के केंद्रीय बैंक द्वारा जारी sovereign currency नहीं है। भारत में भी RBI ने इसे अपनी ओर से जारी मुद्रा अथवा legal tender घोषित नहीं किया है। Blockchain transactions का पता लगाया जा सकना और Bitcoin का केंद्रीय बैंक द्वारा संचालित होना दो अलग बातें हैं।