JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

ECONOMY · 2016

Previous Year Question

कभी-कभी समाचारों में दिखाई देने वाले ‘IFC मसाला बॉण्ड’ के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम, जो इन बॉण्डों को प्रस्तावित करता है, विश्व बैंक का एक अंग है।

  2. ये रुपया-अंकित बॉण्ड हैं और सार्वजनिक तथा निजी क्षेत्रक के लिए ऋण वित्तीयन का एक स्रोत हैं।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

A.

केवल 1

B.

केवल 2

C.

1 और 2 दोनों

D.

न तो 1, न ही 2

Correct Answer: C

Detailed Solution

कथन 1 सही है। International Finance Corporation—IFC, World Bank Group की एक सदस्य संस्था है। इसकी स्थापना वर्ष 1956 में विकासशील देशों के निजी क्षेत्र को वित्तीय सहायता देने के उद्देश्य से की गई थी।

तकनीकी रूप से World Bank Group में पाँच प्रमुख संस्थाएँ हैं:

  • International Bank for Reconstruction and Development—IBRD

  • International Development Association—IDA

  • International Finance Corporation—IFC

  • Multilateral Investment Guarantee Agency—MIGA

  • International Centre for Settlement of Investment Disputes—ICSID

अतः IFC को World Bank Group का अंग बताना सही है।

कथन 2 भी सही है। Masala Bonds भारत के बाहर जारी किए जाने वाले Indian rupee-denominated bonds हैं। इनका मूलधन और ब्याज रुपये में निर्धारित होता है, जबकि विदेशी निवेशक इनमें विदेशी मुद्रा के माध्यम से निवेश करते हैं।

इन बॉण्डों की सबसे महत्त्वपूर्ण विशेषता currency risk का वितरण है:

  • यदि रुपया विदेशी मुद्रा की तुलना में कमजोर होता है, तो विदेशी निवेशक को मुद्रा-परिवर्तन के कारण हानि हो सकती है।

  • इसलिए currency risk मुख्यतः विदेशी निवेशक वहन करता है।

  • विदेशी मुद्रा में सीधे उधार लेने की स्थिति में यह जोखिम सामान्यतः भारतीय borrower पर होता।

IFC ने नवंबर 2013 में भारत के domestic capital market और infrastructure financing को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से पहला offshore rupee bond programme प्रारंभ किया था। बाद में IFC ने भारतीय संस्कृति और भोजन से जुड़ा स्थानीय स्वरूप देने के लिए इन बॉण्डों को “Masala Bonds” नाम दिया।

Masala Bonds के माध्यम से जुटाई गई धनराशि का प्रयोग infrastructure और अन्य विकास परियोजनाओं के वित्तपोषण में किया जा सकता है। ये सार्वजनिक क्षेत्र की पात्र संस्थाओं तथा निजी कंपनियों के लिए विदेशी निवेशकों से debt financing जुटाने का माध्यम बन सकते हैं।

Masala Bonds को Foreign Currency Bonds से अलग समझना चाहिए:

आधार

Masala Bond

Foreign Currency Bond

मूल्यवर्ग

भारतीय रुपया

डॉलर, यूरो आदि

निर्गम-स्थान

भारत से बाहर

विदेशी बाजार

विनिमय-दर जोखिम

मुख्यतः निवेशक

मुख्यतः भारतीय borrower

प्रकृति

ऋण साधन

ऋण साधन

वर्तमान स्थिति (2026)

Masala Bonds अभी भी बाहरी वाणिज्यिक उधारी अर्थात् External Commercial Borrowing—ECB के rupee-denominated स्वरूप के रूप में प्रयुक्त हो सकते हैं। इनके निर्गम को RBI के ECB framework, पात्र borrower, मान्य lender, maturity, end-use और अन्य लागू नियमों के अधीन किया जाता है।

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