Previous Year Question
अंतर्राष्ट्रीय मौद्रिक एवं वित्तीय समिति (International Monetary and Financial Committee—IMFC) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
IMFC विश्व अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाले सरोकारों के विषयों पर चर्चा करती है तथा अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) को उसके कार्य की दिशा के संबंध में सलाह देती है।
IMFC की बैठकों में विश्व बैंक प्रेक्षक के रूप में भाग लेता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
केवल 1
केवल 2
1 और 2 दोनों
न तो 1, न ही 2
Correct Answer: C
Detailed Solution
कथन 1 सही है। IMFC, IMF के Board of Governors को अंतर्राष्ट्रीय मौद्रिक एवं वित्तीय प्रणाली की निगरानी और प्रबंधन से संबंधित विषयों पर सलाह देती तथा रिपोर्ट प्रस्तुत करती है। इसमें विश्व अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाले घटनाक्रम और अंतर्राष्ट्रीय मौद्रिक व्यवस्था को बाधित कर सकने वाली परिस्थितियाँ भी सम्मिलित हैं।
IMFC के पास औपचारिक रूप से निर्णय लेने की शक्ति नहीं होती। फिर भी, व्यवहार में उसके निष्कर्ष और वक्तव्य IMF की नीतियों तथा कार्य-कार्यक्रम को रणनीतिक दिशा प्रदान करते हैं। समिति सहमति अर्थात् consensus के आधार पर काम करती है और बैठक के अंत में अपना वक्तव्य जारी करती है।
कथन 2 भी सही है। विश्व बैंक सहित अनेक अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएँ IMFC की बैठकों में प्रेक्षक (Observer) के रूप में भाग लेती हैं। इसलिए विश्व बैंक का IMFC की बैठकों में प्रेक्षक के रूप में भाग लेना सही है।
IMFC से संबंधित महत्त्वपूर्ण तथ्य:
इसकी स्थापना 30 सितंबर 1999 को IMF के Board of Governors के एक प्रस्ताव द्वारा की गई थी।
इसने वर्ष 1974 में गठित Interim Committee का स्थान लिया।
सामान्यतः इसकी बैठक वर्ष में दो बार IMF-World Bank की Spring Meetings और Annual Meetings के अवसर पर होती है।
वर्तमान में इसमें 25 सदस्य हैं। ये सामान्यतः वित्त मंत्री, केंद्रीय बैंक के गवर्नर अथवा समकक्ष स्तर के अधिकारी होते हैं।
इसकी सदस्य-संरचना IMF के Executive Board की निर्वाचन-क्षेत्र संरचना को प्रतिबिंबित करती है और इसके माध्यम से IMF के सभी 191 सदस्य देशों का प्रतिनिधित्व होता है।