JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

ECONOMY · 2017

Previous Year Question

‘राष्ट्रीय बौद्धिक सम्पदा अधिकार नीति’ के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

  1. यह दोहा विकास एजेंडा और TRIPS समझौते के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराती है।

  2. औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग भारत में बौद्धिक सम्पदा अधिकारों के विनियमन के लिए नोडल एजेंसी है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A.

केवल 1

B.

केवल 2

C.

1 और 2 दोनों

D.

न तो 1, न ही 2

Correct Answer: C

Detailed Solution

कथन 1 सही है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 12 मई 2016 को National Intellectual Property Rights Policy को स्वीकृति दी थी। इसकी प्रमुख दृष्टि “Creative India; Innovative India—रचनात्मक भारत; अभिनव भारत” थी।

नीति स्पष्ट करती है कि भारत के पास TRIPS-compliant विधायी, प्रशासनिक और न्यायिक व्यवस्था है। यह बौद्धिक सम्पदा अधिकारों के संबंध में भारत की अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं तथा Doha Development Agenda और TRIPS Agreement के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराती है।

TRIPS का पूरा नाम Trade-Related Aspects of Intellectual Property Rights है। यह WTO व्यवस्था के अंतर्गत Intellectual Property के न्यूनतम अंतर्राष्ट्रीय मानक निर्धारित करता है।

नीति ने निम्नलिखित संतुलन पर बल दिया:

  • नवाचार एवं सृजन को प्रोत्साहन।

  • आविष्कारकों और सृजनकर्ताओं के अधिकारों का संरक्षण।

  • Public Health और जनहित की रक्षा।

  • Technology Transfer और commercialisation को बढ़ावा।

  • भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप international best practices अपनाना।

  • Traditional Knowledge और Genetic Resources की सुरक्षा।

कथन 2 भी सही है।

राष्ट्रीय IPR नीति के समय Department of Industrial Policy and Promotion—DIPP को भारत में IPR से संबंधित मामलों के समन्वय, मार्गदर्शन, नीति के क्रियान्वयन और भावी विकास के लिए नोडल विभाग बनाया गया था।

यहाँ “नोडल एजेंसी” का अर्थ यह नहीं है कि प्रत्येक प्रकार के Intellectual Property का प्रत्येक registration और adjudication कार्य DIPP स्वयं करता था। इसका अर्थ समग्र नीति-समन्वय और संस्थागत निगरानी है।

उदाहरण के लिए:

  • Patents, Designs, Trade Marks और Geographical Indications का प्रशासन Controller General of Patents, Designs and Trade Marks से संबंधित है।

  • Plant Varieties का संरक्षण अलग वैधानिक प्राधिकरण के अधीन है।

  • Semiconductor Integrated Circuits Layout Design के लिए अलग कानून और प्रशासनिक व्यवस्था है।

राष्ट्रीय IPR नीति के सात उद्देश्य

  1. IPR Awareness: समाज में बौद्धिक सम्पदा के आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक लाभों के संबंध में जागरूकता।

  2. Generation of IPRs: शोध, आविष्कार और रचनात्मक गतिविधियों को प्रोत्साहन।

  3. Legal and Legislative Framework: अधिकारधारकों और व्यापक जनहित के बीच संतुलन।

  4. Administration and Management: IPR administration को आधुनिक, पारदर्शी और service-oriented बनाना।

  5. Commercialisation of IPR: बौद्धिक सम्पदा को बाजार और आर्थिक मूल्य से जोड़ना।

  6. Enforcement and Adjudication: उल्लंघन से निपटने की व्यवस्था को मजबूत करना।

  7. Human Capital Development: IPR शिक्षा, शोध, प्रशिक्षण और विशेषज्ञता का विकास।

वर्तमान स्थिति (2026)

वर्ष 2019 में DIPP का नाम बदलकर Department for Promotion of Industry and Internal Trade—DPIIT कर दिया गया। इसलिए वर्तमान सरकारी दस्तावेजों में DIPP के स्थान पर DPIIT नाम मिलता है।

DPIIT वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत IPR Policy से संबंधित नोडल विभाग है। Patents, Designs, Trade Marks और Geographical Indications का प्रशासन इसके अधीन CGPDTM व्यवस्था के माध्यम से किया जाता है।

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