Previous Year Question
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
भारत ने WTO के व्यापार सुकरता करार (TFA) का अनुसमर्थन किया है।
TFA, WTO के वर्ष 2013 के बाली मंत्रिस्तरीय पैकेज का एक भाग है।
TFA जनवरी 2016 में प्रवृत्त हुआ।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
1 और 2
1 और 3
2 और 3
1, 2 और 3
Correct Answer: A
Detailed Solution
कथन 1 सही है।
भारत ने WTO के Trade Facilitation Agreement—TFA को स्वीकार किया था। भारत ने अपना Instrument of Acceptance 22 अप्रैल 2016 को WTO के महानिदेशक को सौंपा था।
यह औपचारिक प्रक्रिया महत्त्वपूर्ण थी क्योंकि TFA को WTO Agreement के Annex 1A में सम्मिलित करने के लिए प्रत्येक सदस्य को Protocol of Amendment स्वीकार करना आवश्यक था।
कथन 2 सही है।
TFA पर वार्ताएँ WTO के नौवें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन, बाली, इंडोनेशिया में दिसंबर 2013 में पूरी हुई थीं। यह समझौता Bali Ministerial Package, 2013 का महत्त्वपूर्ण भाग था।
TFA का प्रमुख उद्देश्य सीमा-पार वस्तुओं के:
आवागमन,
Release,
Customs Clearance और
Transit
को सरल एवं तेज बनाना है। यह Customs Authorities तथा अन्य Border Agencies के बीच सहयोग में सुधार करने का भी प्रावधान करता है।
कथन 3 गलत है।
TFA जनवरी 2016 में प्रवृत्त नहीं हुआ था। यह 22 फरवरी 2017 को लागू हुआ, जब WTO के तत्कालीन 164 सदस्यों में आवश्यक दो-तिहाई सदस्यों ने इसे स्वीकार कर लिया।
इसलिए केवल कथन 1 और 2 सही हैं।
TFA की विशेष संरचना
TFA विकासशील और अल्पविकसित देशों को अपनी क्षमता के अनुसार प्रावधान लागू करने की अनुमति देता है। इसके लिए प्रतिबद्धताओं को तीन श्रेणियों में रखा गया है:
Category A: वे प्रावधान जिन्हें सदस्य देश TFA लागू होते ही लागू करेगा।
Category B: वे प्रावधान जिन्हें सदस्य देश एक निश्चित संक्रमण-अवधि के बाद लागू करेगा।
Category C: वे प्रावधान जिन्हें लागू करने के लिए देश को अतिरिक्त समय के साथ Technical Assistance और Capacity Building की आवश्यकता होगी।
यह WTO का पहला ऐसा समझौता है जिसमें Developing और Least Developed Countries द्वारा दायित्वों का कार्यान्वयन उनकी संस्थागत क्षमता तथा सहायता की उपलब्धता से सीधे जोड़ा गया है।
WTO के आकलन के अनुसार TFA के पूर्ण क्रियान्वयन से:
औसत वैश्विक व्यापार लागत लगभग 14.3% घट सकती है।
Import में लगने वाला समय डेढ़ दिन से अधिक घट सकता है।
Export में लगने वाला समय लगभग दो दिन घट सकता है।
वैश्विक व्यापार में प्रतिवर्ष लगभग 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक की वृद्धि हो सकती है।
विकासशील देशों द्वारा निर्यात किए जाने वाले नए उत्पादों की संख्या लगभग 20% और LDCs में लगभग 35% बढ़ सकती है।
वर्तमान स्थिति (2026)
TFA वर्तमान में लागू WTO Agreement का हिस्सा है और भारत इसके पक्षकार के रूप में अपने Trade Facilitation commitments का क्रियान्वयन करता है।
भारत में इसके समन्वित क्रियान्वयन के लिए National Committee on Trade Facilitation—NCTF स्थापित की गई थी। इसका उद्देश्य Customs, ports, logistics, regulatory agencies और अन्य संबंधित विभागों के बीच समन्वय बढ़ाना है।
अतः तिथि स्पष्ट रखनी चाहिए:
2013: बाली में वार्ता पूरी हुई।
22 अप्रैल 2016: भारत ने Instrument of Acceptance जमा किया।
22 फरवरी 2017: TFA अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रवृत्त हुआ।