JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

ECONOMY · 2017

Previous Year Question

‘विस्तृत-आधार व्यापार और निवेश करार (BTIA)’ कभी-कभी समाचारों में भारत और निम्नलिखित में से किस एक के बीच वार्ताओं के संदर्भ में दिखाई पड़ता है?

A.

European Union

B.

Gulf Cooperation Council

C.

Organisation for Economic Cooperation and Development

D.

Shanghai Cooperation Organisation

Correct Answer: A

Detailed Solution

Broad-based Trade and Investment Agreement—BTIA भारत और यूरोपीय संघ (European Union—EU) के बीच प्रस्तावित व्यापक व्यापार एवं निवेश समझौते का नाम था।

भारत और यूरोपीय संघ ने BTIA पर औपचारिक वार्ता 28 जून 2007 को ब्रुसेल्स में आरम्भ की थी। इसका आधार India–EU High Level Trade Group की सिफारिशें थीं। इसका उद्देश्य केवल वस्तुओं के व्यापार पर शुल्क घटाना नहीं, बल्कि वस्तुओं, सेवाओं और निवेश को सम्मिलित करने वाला व्यापक आर्थिक समझौता तैयार करना था।

वार्ता के प्रमुख क्षेत्रों में शामिल थे:

  • वस्तुओं पर customs duties और tariff barriers में कमी।

  • सेवाओं के व्यापार तथा भारतीय पेशेवरों की अस्थायी आवाजाही।

  • निवेश संरक्षण और बाजार तक पहुँच।

  • Government Procurement, Competition और Intellectual Property Rights।

  • Automobile, wines and spirits तथा कृषि उत्पादों पर शुल्क।

  • Data security, regulatory standards और sustainable development।

भारत के लिए EU के services market में भारतीय IT एवं अन्य पेशेवरों की पहुँच तथा Mode 4 के अंतर्गत professionals की आवाजाही महत्त्वपूर्ण विषय रहे। EU की ओर से automobiles, wines and spirits, government procurement तथा Intellectual Property संबंधी माँगें प्रमुख थीं।

विकल्प (b) गलत है, क्योंकि भारत और Gulf Cooperation Council—GCC के बीच अलग Free Trade Agreement की वार्ताएँ रही हैं; वह BTIA नहीं था। OECD कोई देश-समूह आधारित भारत–EU व्यापार समझौता नहीं है और Shanghai Cooperation Organisation भी BTIA का पक्षकार नहीं है।

वर्तमान स्थिति (2026)

भारत–EU व्यापार वार्ताएँ लंबे समय तक रुकी रहने के बाद 17 जून 2022 को पुनः आरम्भ की गईं। सितंबर 2024 तक नौ दौर की वार्ताएँ हो चुकी थीं।

27 जनवरी 2026 को भारत और EU ने Free Trade Agreement की वार्ताएँ सफलतापूर्वक पूरी होने की घोषणा की। यह वही भारत–EU व्यापक व्यापार प्रक्रिया है जिसे पुराने अभिलेखों में BTIA कहा जाता था, जबकि वर्तमान आधिकारिक दस्तावेजों में मुख्यतः India–EU FTA नाम का प्रयोग किया जा रहा है।

आधिकारिक विवरण के अनुसार:

  • EU के 27 सदस्य देशों के साथ यह समझौता भारत का अब तक का सबसे बड़ा FTA माना गया।

  • EU ने भारत को अपनी लगभग 96.8% tariff lines पर preferential market access देने का प्रावधान स्वीकार किया, जो भारत के लगभग 99.5% निर्यात को समाहित करता है।

  • समझौते के लागू होने पर व्यापार-मूल्य के आधार पर भारत के लगभग 90.7% निर्यात को तत्काल duty-free access मिलने का प्रावधान है।

  • वस्त्र, परिधान, चमड़ा, footwear तथा gems and jewellery जैसे labour-intensive क्षेत्रों के 33 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के निर्यात को duty-free access से लाभ मिलने की संभावना बताई गई।

  • वर्ष 2024 में भारत–EU services trade लगभग 83 अरब अमेरिकी डॉलर था।

ध्यान रहे कि वार्ताओं का सम्पन्न होना और समझौते का कानूनी रूप से लागू होना अलग अवस्थाएँ हैं। हस्ताक्षर, अनुमोदन तथा आवश्यक घरेलू प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही इसके सभी tariff benefits प्रभावी होते हैं।

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