Previous Year Question
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
नाभिकीय सुरक्षा शिखर सम्मेलन, संयुक्त राष्ट्र के तत्त्वावधान में आवधिक रूप से आयोजित किए जाते हैं।
विखंडनीय पदार्थों पर अंतर्राष्ट्रीय पैनल, अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा अभिकरण का एक अंग है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
केवल 1
केवल 2
1 और 2 दोनों
न तो 1, न ही 2
Correct Answer: D
Detailed Solution
कथन 1 गलत है।
Nuclear Security Summit संयुक्त राष्ट्र के तत्त्वावधान में प्रारम्भ की गई सम्मेलन-श्रृंखला नहीं थी। इसकी पहल अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने वर्ष 2009 में की थी। इसका प्रमुख उद्देश्य संवेदनशील नाभिकीय पदार्थों की सुरक्षा बढ़ाना और नाभिकीय आतंकवाद के खतरे को कम करना था।
कुल चार शिखर सम्मेलन आयोजित हुए:
2010—वाशिंगटन डी.सी., अमेरिका
2012—सियोल, दक्षिण कोरिया
2014—द हेग, नीदरलैंड
2016—वाशिंगटन डी.सी., अमेरिका
संयुक्त राष्ट्र, IAEA तथा अन्य अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएँ नाभिकीय सुरक्षा व्यवस्था में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, लेकिन इससे Nuclear Security Summit संयुक्त राष्ट्र के तत्त्वावधान में आयोजित सम्मेलन नहीं बन जाता।
कथन 2 भी गलत है।
International Panel on Fissile Materials—IPFM, IAEA का कोई अंग नहीं है। यह नाभिकीय और गैर-नाभिकीय शस्त्र-सम्पन्न देशों के arms control एवं non-proliferation विशेषज्ञों का एक स्वतंत्र अंतर्राष्ट्रीय समूह है।
इसका प्रमुख कार्य निम्नलिखित से संबंधित नीति-विश्लेषण करना है:
Highly Enriched Uranium—HEU और पृथक Plutonium के उत्पादन को रोकना।
इनके मौजूदा भंडारों को कम और सुरक्षित करना।
Fissile Material Cut-off Treaty जैसे अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों के लिए तकनीकी एवं नीतिगत अध्ययन उपलब्ध कराना।
IAEA इसके विपरीत संयुक्त राष्ट्र प्रणाली से संबद्ध एक स्वायत्त अंतर-सरकारी संस्था है। वह nuclear safeguards, verification, nuclear safety, nuclear security और नाभिकीय प्रौद्योगिकी के शांतिपूर्ण उपयोग पर कार्य करती है। केवल समान विषय पर कार्य करने से IPFM, IAEA का अंग नहीं बन जाता।
वर्तमान स्थिति (2026)
2016 का वाशिंगटन सम्मेलन Nuclear Security Summit प्रक्रिया का चौथा और अंतिम सम्मेलन था। उसके बाद उसी शिखर सम्मेलन-श्रृंखला का कोई नया सम्मेलन आयोजित नहीं हुआ। Nuclear security से संबंधित अंतर्राष्ट्रीय कार्य IAEA, संयुक्त राष्ट्र, INTERPOL और अन्य बहुपक्षीय व्यवस्थाओं के माध्यम से जारी है।