Previous Year Question
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
पिछले पाँच वर्षों में आयातित खाद्य तेल की मात्रा, खाद्य तेल के घरेलू उत्पादन से अधिक रही है।
भारत सरकार विशेष स्थिति के रूप में सभी आयातित खाद्य तेलों पर कोई सीमा-शुल्क नहीं लगाती।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
केवल 1
केवल 2
1 और 2 दोनों
न तो 1, न ही 2
Correct Answer: A
Detailed Solution
कथन 1 सही है।
मात्रा लाख मीट्रिक टन (LMT) में:
Oil year | घरेलू उपलब्धता | आयात |
2013-14 | 101.90 | 109.80 |
2014-15 | 92.00 | 138.50 |
2015-16 | 86.30 | 148.50 |
2016-17 | 100.99 | 153.17 |
2017-18 | 103.80 | 145.92 |
प्रत्येक वर्ष imports, domestic availability से अधिक थे। इस प्रकार कथन में उल्लिखित पाँच वर्षों के लिए कथन 1 आधिकारिक आँकड़ों से प्रमाणित होता है।
भारत की edible-oil import dependence के प्रमुख कारण हैं:
घरेलू माँग की तुलना में oilseed productivity का कम होना;
palm oil का पर्याप्त घरेलू उत्पादन न होना;
जनसंख्या और प्रति व्यक्ति खपत में वृद्धि;
घरेलू उत्पादन तथा माँग के बीच संरचनात्मक अंतर;
palm, soybean और sunflower oil की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धता।
Palm oil भारत के edible-oil imports का सबसे बड़ा भाग बनाता है। इसके अतिरिक्त soybean oil और sunflower oil भी बड़े पैमाने पर आयात किए जाते हैं।
कथन 2 गलत है। सरकार सभी imported edible oils को customs duty से पूर्ण छूट नहीं देती। अलग-अलग समय पर सरकार ने:
crude और refined edible oils पर अलग-अलग दरें रखी हैं;
घरेलू कीमतों को नियंत्रित करने के लिए duty घटाई है;
oilseed farmers और domestic refining industry की रक्षा के लिए duty बढ़ाई है।
इसलिए किसी विशेष समय पर किसी एक edible oil की duty कम या शून्य कर देना, सभी imported edible oils पर स्थायी रूप से कोई customs duty न लगाने के बराबर नहीं है।
वर्तमान स्थिति (2026)
Department of Food and Public Distribution के 2024-25 के पूर्ण-वर्षीय आँकड़ों के अनुसार:
घरेलू edible-oil उपलब्धता: 126.30 LMT
edible-oil imports: 160.72 LMT
कुल उपलब्धता/खपत: 287.02 LMT
self-sufficiency: लगभग 44%
imports का हिस्सा: लगभग 56%
इसलिए वर्तमान स्थिति में भी imports, domestic availability से अधिक हैं।
सरकार सभी edible oils को duty-free आयात नहीं करती। जून 2025 में major crude edible oils—crude palm, soybean और sunflower oil—पर Basic Customs Duty को 20% से घटाकर 10% किया गया था। Crude और refined oils के बीच import-duty differential 19.25 percentage points रखा गया, ताकि domestic refining को संरक्षण मिल सके।