Previous Year Question
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
पिछले दशक में भारत-श्रीलंका व्यापार का मूल्य लगातार बढ़ा है।
‘वस्त्र और वस्त्र निर्मित वस्तुएँ’ भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापार की एक महत्त्वपूर्ण मद हैं।
पिछले पाँच वर्षों में नेपाल, दक्षिण एशिया में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार रहा है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
केवल 1 और 2
केवल 2
केवल 3
1, 2 और 3
Correct Answer: B
Detailed Solution
कथन 1 गलत है। भारत और श्रीलंका के द्विपक्षीय व्यापार में दीर्घकालीन वृद्धि अवश्य हुई, लेकिन उसका मूल्य प्रत्येक वर्ष लगातार नहीं बढ़ा।
उदाहरण के लिए:
वर्ष 2015-16 में भारत-श्रीलंका वस्तु व्यापार लगभग 6.05 अरब अमेरिकी डॉलर था।
वर्ष 2016-17 में यह घटकर लगभग 4.5 अरब अमेरिकी डॉलर रह गया।
इस प्रकार एक ही वर्ष में द्विपक्षीय व्यापार में लगभग 25% की गिरावट दर्ज हुई।
इसके अतिरिक्त, वैश्विक माँग, petroleum prices, मुद्रा-विनिमय दर और श्रीलंका की घरेलू आर्थिक परिस्थितियों के कारण अलग-अलग वर्षों में व्यापार के मूल्य में उतार-चढ़ाव हुआ। अतः कथन में प्रयुक्त “लगातार बढ़ा है” सही नहीं है।
कथन 2 सही है। भारत और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय व्यापार में textiles और textile articles एक महत्त्वपूर्ण commodity group रहे हैं।
भारत द्वारा बांग्लादेश को किए जाने वाले प्रमुख निर्यातों में cotton, cotton yarn, fabrics तथा textile machinery सम्मिलित रहे हैं। दूसरी ओर, बांग्लादेश से भारत के आयातों में ready-made garments, textile articles और jute products महत्त्वपूर्ण रहे हैं।
इस व्यापार का एक संरचनात्मक कारण यह है कि बांग्लादेश का ready-made garment sector बड़े पैमाने पर भारतीय cotton, yarn, fabric, chemicals और machinery जैसे inputs का उपयोग करता है। इसलिए दोनों देशों की textile value chains परस्पर जुड़ी हुई हैं।
कथन 3 गलत है। नेपाल दक्षिण एशिया में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार नहीं था। प्रश्न की संदर्भ अवधि में बांग्लादेश दक्षिण एशिया में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार था।
यहाँ दो तथ्यों में अंतर समझना आवश्यक है:
भारत, नेपाल का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार रहा है।
लेकिन नेपाल, दक्षिण एशिया में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार नहीं था।
इसलिए भारत-नेपाल संबंध में भारत की प्रमुखता को उलटकर नेपाल को भारत का सबसे बड़ा दक्षिण एशियाई व्यापारिक भागीदार नहीं माना जा सकता।