JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

ECONOMY · 2021

Previous Year Question

निम्नलिखित पर विचार कीजिए:

  1. विदेशी मुद्रा परिवर्तनीय बॉण्ड

  2. कतिपय शर्तों के साथ विदेशी संस्थागत निवेश

  3. वैश्विक निक्षेपागार रसीदें

  4. अनिवासी बाह्य जमा

उपर्युक्त में से किसे प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में शामिल किया जा सकता है?

A.

1, 2 और 3

B.

केवल 3

C.

2 और 4

D.

1 और 4

Correct Answer: A

Detailed Solution

Foreign Direct Investment (FDI) में केवल विदेश से धन आने की घटना पर्याप्त नहीं होती। निवेश की प्रकृति—equity participation, स्वामित्व में हिस्सेदारी तथा दीर्घकालीन आर्थिक हित—महत्त्वपूर्ण होती है।

वर्तमान FEMA व्यवस्था के अनुसार किसी अनिवासी व्यक्ति द्वारा:

  • किसी unlisted भारतीय कंपनी के equity instruments में किया गया निवेश FDI है;

  • किसी listed भारतीय कंपनी की पूर्णतः diluted equity capital में 10% या उससे अधिक निवेश FDI है;

  • 10% से कम निवेश को सामान्यतः Foreign Portfolio Investment (FPI) माना जाता है।

1. विदेशी मुद्रा परिवर्तनीय बॉण्ड — शामिल किया जा सकता है

Foreign Currency Convertible Bond (FCCB) भारतीय कंपनी द्वारा विदेशी मुद्रा में जारी किया गया bond होता है। इसमें निवेशक को निर्धारित शर्तों पर bond को issuing company के equity shares में परिवर्तित करने का विकल्प प्राप्त होता है।

FCCB जारी होने के समय debt instrument होता है। लेकिन equity shares में इसके conversion के बाद उत्पन्न विदेशी equity investment को लागू FDI policy, sectoral cap और entry route के अनुसार FDI में शामिल किया जा सकता है। इसलिए प्रश्न में प्रयुक्त “can be included” महत्त्वपूर्ण है।

2. कतिपय शर्तों के साथ विदेशी संस्थागत निवेश — शामिल किया जा सकता है

पुरानी व्यवस्था में Foreign Institutional Investor (FII) शब्द प्रयुक्त होता था; वर्तमान regulatory terminology में सामान्यतः Foreign Portfolio Investor (FPI) कहा जाता है।

Listed भारतीय कंपनी में किसी एक FPI का निवेश पूर्णतः diluted paid-up equity capital के 10% से कम होने पर portfolio investment होता है। यदि निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत उसका निवेश 10% या उससे अधिक हो जाता है, तो उसे FDI के रूप में पुनर्वर्गीकृत किया जा सकता है। इसलिए “कतिपय शर्तों के साथ” विदेशी संस्थागत निवेश FDI में सम्मिलित हो सकता है।

3. वैश्विक निक्षेपागार रसीदें — शामिल की जा सकती हैं

Global Depository Receipt (GDR) एक विदेशी depository द्वारा जारी negotiable financial instrument है, जो किसी भारतीय कंपनी के underlying equity shares का प्रतिनिधित्व करता है।

कंपनी द्वारा Depository Receipts जारी करके जुटाया गया विदेशी निवेश, जब underlying equity shares से संबद्ध हो और FDI policy के sectoral caps तथा अन्य शर्तों का पालन करे, FDI में शामिल किया जा सकता है।

4. अनिवासी बाह्य जमा — शामिल नहीं किया जाता

Non-Resident External (NRE) deposit किसी NRI द्वारा भारतीय बैंक में रखा गया bank deposit है। यह संबंधित बैंक की deposit liability है; इससे जमाकर्ता को किसी भारतीय कंपनी में equity ownership अथवा management control प्राप्त नहीं होता।

Balance of Payments और foreign-investment classification में बैंक जमा को सामान्यतः other investment/deposit liability माना जाता है, FDI नहीं। इसलिए केवल विदेश से धन आने के कारण NRE deposit को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश नहीं माना जा सकता।

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