Previous Year Question
‘G20 कॉमन फ्रेमवर्क’ के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
यह G20 और पेरिस क्लब द्वारा समर्थित पहल है।
यह असंधारणीय ऋण वाले निम्न आय देशों को सहायता देने की पहल है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
केवल 1
केवल 2
1 और 2 दोनों
न तो 1, न ही 2
Correct Answer: C
Detailed Solution
कथन 1 सही है।
‘कॉमन फ्रेमवर्क फॉर डेट ट्रीटमेंट्स बियॉन्ड द DSSI’ को नवंबर 2020 में G20 देशों ने Paris Club के समन्वय से स्वीकृत किया था।
Paris Club आधिकारिक bilateral creditor देशों का एक अनौपचारिक समूह है।
इसमें debtor country के ऋण का पुनर्निर्धारण, अवधि-विस्तार अथवा आवश्यकता पड़ने पर debt reduction किया जा सकता है।
इसमें Paris Club के सदस्यों के साथ चीन जैसे non-Paris Club G20 creditors को भी सम्मिलित करने का प्रयास किया गया है।
अतः यह केवल Paris Club की पहल नहीं, बल्कि G20 और Paris Club द्वारा संयुक्त रूप से समर्थित framework है।
कथन 2 सही है।
इस framework का उद्देश्य DSSI-पात्र निम्न आय देशों को case-by-case आधार पर सहायता देना है, जब उनका public debt असंधारणीय हो अथवा उन्हें गंभीर debt vulnerability का सामना करना पड़ रहा हो।
इसके अंतर्गत प्रक्रिया सामान्यतः इस प्रकार होती है:
ऋणी देश IMF-supported programme का अनुरोध करता है।
संबंधित official creditors की creditor committee बनाई जाती है।
IMF और World Bank के Debt Sustainability Analysis से आवश्यक debt treatment का आकलन किया जाता है।
ऋण की maturity बढ़ाई जा सकती है, ब्याज अथवा भुगतान की शर्तें बदली जा सकती हैं और आवश्यकता पड़ने पर debt reduction भी किया जा सकता है।
निजी creditors से भी comparability of treatment के आधार पर समान स्तर की राहत देने की अपेक्षा की जाती है।
यह समझना आवश्यक है कि Common Framework स्वयं कोई lending fund नहीं है। यह विभिन्न creditors के बीच debt restructuring का समन्वय करने वाली व्यवस्था है।
वर्तमान स्थिति: DSSI दिसंबर 2021 में समाप्त हो गई थी, परन्तु Common Framework उसके बाद के debt treatment के लिए बनाया गया था और पात्र देशों के लिए case-by-case व्यवस्था के रूप में जारी है।