Previous Year Question
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
भारत अंतरराष्ट्रीय अनाज परिषद का सदस्य है।
किसी देश को चावल और गेहूँ का निर्यात या आयात करने के लिए अंतरराष्ट्रीय अनाज परिषद का सदस्य होना आवश्यक है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
केवल 1
केवल 2
1 और 2 दोनों
न तो 1, न ही 2
Correct Answer: A
Detailed Solution
कथन 1 सही है। भारत International Grains Council—IGC का सदस्य है। IGC की वर्तमान आधिकारिक सदस्य-सूची में भारत शामिल है।
IGC लंदन स्थित एक अंतर-सरकारी संगठन है। इसका वर्तमान संस्थागत आधार Grains Trade Convention, 1995 है। इसका उद्देश्य अनाज बाजारों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग, सूचनाओं के आदान-प्रदान और Market Transparency को बढ़ाना है।
IGC के प्रमुख कार्य हैं:
वैश्विक उत्पादन, उपभोग, Stock और Trade का विश्लेषण;
सदस्य देशों के बीच अनाज-व्यापार संबंधी परामर्श;
बाजार की कीमतों और Freight Rates की निगरानी;
खाद्य सुरक्षा और वैश्विक व्यापार नीति पर जानकारी उपलब्ध कराना;
निष्पक्ष और स्वतंत्र बाजार पूर्वानुमान तैयार करना।
IGC का विश्लेषण केवल गेहूँ तक सीमित नहीं है। इसके अंतर्गत गेहूँ, मक्का, जौ, चावल, अन्य मोटे अनाज, तिलहन और दलहन सहित 22 Commodity Markets का अध्ययन किया जाता है।
कथन 2 गलत है। किसी देश के लिए चावल अथवा गेहूँ का आयात या निर्यात करने हेतु IGC का सदस्य होना अनिवार्य नहीं है। IGC कोई ऐसी Licensing Authority अथवा Customs Union नहीं है जो गैर-सदस्य देशों को अनाज व्यापार करने से रोकती हो।
चावल और गेहूँ का अंतरराष्ट्रीय व्यापार निम्नलिखित के अनुसार हो सकता है:
निर्यातक और आयातक देशों की घरेलू व्यापार नीति;
द्विपक्षीय अथवा क्षेत्रीय व्यापार समझौते;
WTO के नियम;
Sanitary and Phytosanitary Standards;
आयात शुल्क, निर्यात प्रतिबंध और Customs Regulations;
खरीदार एवं विक्रेता के बीच वाणिज्यिक अनुबंध।
इसलिए कोई गैर-सदस्य देश भी चावल और गेहूँ का निर्यात या आयात कर सकता है।
वर्तमान स्थिति (2026)
सितंबर 2026 में उपलब्ध IGC की आधिकारिक सूची में भारत सदस्य के रूप में दर्ज है। IGC अभी भी सरकारों और बाजार सहभागियों के लिए अनाज, चावल, तिलहन और दलहन बाजारों का Data, Analysis और Forecast उपलब्ध करा रहा है। इसकी सदस्यता सहयोग और बाजार-पारदर्शिता से संबंधित है, अंतरराष्ट्रीय व्यापार करने की अनिवार्य शर्त नहीं।