JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

ECONOMY · 2024

Previous Year Question

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

कथन-I: यदि संयुक्त राज्य अमेरिका अपने ऋण को चुकाने में चूक करता है, तो अमेरिकी ट्रेजरी बॉण्ड धारक भुगतान प्राप्त करने के अपने दावों का प्रयोग नहीं कर पाएँगे।

कथन-II: अमेरिकी सरकार का ऋण किसी ठोस परिसंपत्ति द्वारा समर्थित नहीं है, बल्कि केवल सरकार की साख द्वारा समर्थित है।

उपर्युक्त कथनों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?

A.

कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं तथा कथन-II, कथन-I की सही व्याख्या है।

B.

कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं, किंतु कथन-II, कथन-I की सही व्याख्या नहीं है।

C.

कथन-I सही है, किंतु कथन-II गलत है।

D.

कथन-I गलत है, किंतु कथन-II सही है।

Correct Answer: A

Detailed Solution

कथन-II सही है। अमेरिकी ट्रेजरी बॉण्ड किसी स्वर्ण भंडार, भूमि, भवन अथवा अन्य विशिष्ट Hard Asset को गिरवी रखकर जारी नहीं किए जाते। ये अमेरिकी सरकार की Full Faith and Credit पर आधारित Sovereign Debt Securities हैं।

“Full Faith and Credit” का अर्थ है कि निवेशक अमेरिकी सरकार की कर लगाने की क्षमता, उधार लेने की क्षमता, राजस्व जुटाने की क्षमता और अपने ऋण दायित्वों का भुगतान करने की संस्थागत प्रतिबद्धता पर भरोसा करता है।

Treasury Bond की प्रमुख विशेषताएँ हैं:

  • इनकी परिपक्वता अवधि सामान्यतः 20 अथवा 30 वर्ष होती है।

  • इन पर निश्चित ब्याज दर होती है।

  • ब्याज का भुगतान प्रत्येक छह महीने में किया जाता है।

  • परिपक्वता पर Principal Amount का भुगतान किया जाता है।

  • ये किसी विशिष्ट सरकारी परिसंपत्ति से Collateralised नहीं होते।

कथन-I को UPSC के संदर्भ में सही माना गया है। यदि अमेरिकी सरकार भुगतान में चूक करती है, तो बॉण्ड धारक किसी गिरवी रखी गई विशिष्ट परिसंपत्ति को बेचकर अपना भुगतान प्राप्त नहीं कर सकते, क्योंकि Treasury Bonds के पीछे ऐसा कोई Collateral नहीं होता।

यहाँ यह समझना आवश्यक है कि Default होने से सरकार का ऋण-दायित्व समाप्त नहीं होता। निवेशक का Contractual Claim बना रहता है, लेकिन वह किसी कंपनी के Secured Creditor की तरह किसी विशेष सरकारी संपत्ति को जब्त करके अपने दावे की वसूली नहीं कर सकता। भुगतान अंततः सरकार द्वारा वित्तीय और विधायी व्यवस्था किए जाने पर निर्भर करेगा।

इसलिए कथन-II यह समझाता है कि Default की स्थिति में Treasury Bond धारकों के पास विशिष्ट Hard Assets के विरुद्ध लागू करने योग्य दावा क्यों नहीं होगा।

Default के संभावित आर्थिक प्रभाव

अमेरिकी ट्रेजरी प्रतिभूतियों को वैश्विक वित्तीय प्रणाली में अत्यंत सुरक्षित और Liquid Assets माना जाता है। इसलिए वास्तविक Default होने पर:

  • Treasury Securities की कीमत गिर सकती है और Yield बढ़ सकती है;

  • अमेरिकी सरकार की उधारी लागत बढ़ सकती है;

  • Banks, Pension Funds और Money Market Funds की Balance Sheet प्रभावित हो सकती है;

  • डॉलर और वैश्विक वित्तीय बाजारों में अस्थिरता बढ़ सकती है;

  • Sovereign Credit Rating पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

वर्तमान स्थिति (2026)

अमेरिकी Treasury Bonds अभी भी 20 और 30 वर्ष की अवधि के लिए जारी किए जाते हैं तथा उन पर छह-मासिक ब्याज मिलता है। अमेरिकी संघीय ऋण किसी निश्चित स्वर्ण अथवा भौतिक परिसंपत्ति से समर्थित नहीं है; इसका आधार अमेरिकी सरकार की Full Faith and Credit बनी हुई है।

अतः दोनों कथन सही हैं और कथन-II, कथन-I की व्याख्या करता है।

Continue practicing free PYQs with your JAGTIV account.