Previous Year Question
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम 1996-97 में गरीब किसानों को ऋण सहायता उपलब्ध कराने के लिए शुरू किया गया था।
कमान क्षेत्र विकास कार्यक्रम 1974-75 में जल-उपयोग दक्षता के विकास के लिए शुरू किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
केवल 1
केवल 2
1 और 2 दोनों
न तो 1, न ही 2
Correct Answer: B
Detailed Solution
कथन 1 गलत है। Accelerated Irrigation Benefits Programme—AIBP को वर्ष 1996-97 में प्रारम्भ किया गया था, लेकिन इसका उद्देश्य गरीब किसानों को व्यक्तिगत ऋण देना नहीं था।
AIBP का उद्देश्य उन चालू Major और Medium Irrigation Projects को केंद्रीय वित्तीय सहायता प्रदान करके शीघ्र पूरा करना था जो संसाधनों की कमी के कारण राज्य सरकारों के स्तर पर लंबित थे। इसलिए सहायता किसानों को व्यक्तिगत रूप से नहीं, बल्कि सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण और पूर्णता के लिए राज्यों को दी जाती थी।
इसका आर्थिक तर्क यह था कि बाँध, नहर और अन्य संरचनाओं पर बड़ा निवेश हो जाने के बावजूद परियोजना अधूरी रहने पर Irrigation Potential का उपयोग नहीं हो पाता। AIBP ऐसे लंबित निवेश को शीघ्र उत्पादक बनाने का प्रयास था।
कथन 2 सही है। Command Area Development Programme—CADP को वर्ष 1974-75 में प्रारम्भ किया गया था। इसका उद्देश्य निर्मित Irrigation Potential और वास्तव में उपयोग किए गए Irrigation Potential के बीच अंतर कम करना तथा खेत-स्तर पर Water-use Efficiency बढ़ाना था।
इसके अंतर्गत सामान्यतः निम्नलिखित कार्य किए जाते थे:
खेत तक पानी पहुँचाने के लिए Field Channels का निर्माण।
भूमि समतलीकरण और Field Development।
जल निकासी व्यवस्था में सुधार।
Warabandi अथवा Rotational Water Supply।
किसानों का प्रशिक्षण और Participatory Irrigation Management।
सिंचाई जल के न्यायसंगत तथा कुशल वितरण की व्यवस्था।
AIBP मुख्यतः परियोजना की Head Works और Canal Infrastructure को पूरा करता था, जबकि CADP/CADWM का ध्यान निर्मित सिंचाई क्षमता को खेत के स्तर पर प्रभावी रूप से उपयोग करने पर था।
वर्तमान स्थिति (2026)
AIBP को वर्ष 2015-16 से प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना—PMKSY के एक घटक के रूप में लागू किया जा रहा है। PMKSY को 2021-22 से 2025-26 तक जारी रखने के लिए लगभग ₹93,068.56 करोड़ का कुल परिव्यय स्वीकृत किया गया था।
पुराना Command Area Development Programme बाद में Command Area Development and Water Management—CADWM के रूप में विकसित हुआ और PMKSY के अंतर्गत AIBP परियोजनाओं के साथ लागू किया गया।
वर्ष 2025 में सरकार ने Modernisation of Command Area Development and Water Management—M-CADWM को प्रारम्भिक रूप से ₹1,600 करोड़ के परिव्यय के साथ मंजूरी दी। इसका ध्यान खुली नहरों से खेत तक पानी पहुँचाने वाली व्यवस्था को आधुनिक बनाने, Pressurised Underground Pipelines और Micro-irrigation को बढ़ाने तथा Water User Societies की भूमिका मजबूत करने पर है।