Previous Year Question
‘स्टैंड अप इंडिया स्कीम’ के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
इसका प्रयोजन अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति और महिला उद्यमियों में उद्यमिता को प्रोत्साहित करना है।
यह SIDBI के माध्यम से पुनर्वित्त का प्रावधान करती है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
केवल 1
केवल 2
1 और 2 दोनों
न तो 1, न ही 2
Correct Answer: C
Detailed Solution
भारत सरकार ने 5 अप्रैल, 2016 को Stand-Up India Scheme प्रारम्भ की थी। इसका उद्देश्य अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला उद्यमियों के लिए Institutional Credit की उपलब्धता बढ़ाना था।
कथन 1 सही है। योजना के अंतर्गत प्रत्येक Scheduled Commercial Bank Branch से कम-से-कम:
एक SC अथवा ST उद्यमी; और
एक महिला उद्यमी
को ₹10 लाख से ₹1 करोड़ तक का बैंक ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई थी।
ऋण केवल Greenfield Enterprise के लिए था, अर्थात लाभार्थी द्वारा उस क्षेत्र में पहली बार स्थापित उद्यम। उद्यम Manufacturing, Services, Trading अथवा Agriculture-allied Activities से संबंधित हो सकता था।
यदि उद्यम किसी गैर-व्यक्ति संस्था के रूप में स्थापित किया गया हो, तो SC/ST अथवा महिला उद्यमी के पास कम-से-कम 51% Shareholding और Controlling Stake होना आवश्यक था।
कथन 2 सही है। योजना में Small Industries Development Bank of India—SIDBI के माध्यम से Refinance Window का प्रावधान था। SIDBI को योजना के लिए Handholding Agency और Stand-Up Mitra Portal के संचालन की जिम्मेदारी भी दी गई।
योजना की अन्य प्रमुख विशेषताएँ थीं:
Composite Loan में Term Loan और Working Capital दोनों शामिल हो सकते थे।
ऋण सामान्यतः परियोजना लागत के 75% तक दिया जा सकता था; यदि लाभार्थी का अपना अंशदान और अन्य सहायता मिलाकर परियोजना लागत का 25% से अधिक हो, तो यह सीमा लागू नहीं होती थी।
लाभार्थी को परियोजना लागत का कम-से-कम 10% स्वयं लगाना आवश्यक था।
ऋण की अधिकतम पुनर्भुगतान अवधि 7 वर्ष और अधिकतम Moratorium 18 महीने था।
Credit Guarantee के लिए Credit Guarantee Fund for Stand-Up India की व्यवस्था की गई थी।
वर्तमान स्थिति (2026)
मूल Stand-Up India Scheme को सरकारी निर्णय के अनुसार 31 मार्च, 2025 तक बढ़ाया गया था। इसके बाद केंद्रीय बजट 2025-26 में Stand-Up India से प्राप्त अनुभवों के आधार पर 5 लाख महिला, SC और ST First-time Entrepreneurs के लिए नई योजना की घोषणा की गई, जिसमें अगले पाँच वर्षों के दौरान ₹2 करोड़ तक के Term Loans देने का प्रस्ताव है।