Previous Year Question
‘गहन बाजरा संवर्धन के माध्यम से पोषण सुरक्षा पहल’ के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
इस पहल का लक्ष्य उन्नत उत्पादन और फसलोत्तर प्रौद्योगिकियों को प्रदर्शित करना तथा एकीकृत रीति से क्लस्टर उपागम के साथ मूल्यवर्धन तकनीकों को प्रदर्शित करना है।
निर्धन, छोटे, सीमांत और जनजातीय किसानों की इस स्कीम में बड़ी हिस्सेदारी है।
स्कीम का एक महत्त्वपूर्ण उद्देश्य वाणिज्यिक फसलों के किसानों को पोषक तत्त्वों और सूक्ष्म-सिंचाई उपकरणों के महत्त्वपूर्ण निवेशों की निःशुल्क किट देकर बाजरे की खेती की ओर स्थानांतरित होने के लिए प्रोत्साहित करना है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
केवल 1
केवल 2 और 3
केवल 1 और 2
1, 2 और 3
Correct Answer: C
Detailed Solution
Initiative for Nutritional Security through Intensive Millets Promotion—INSIMP को वर्ष 2011-12 में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना—RKVY के अंतर्गत प्रारम्भ किया गया था। इसका उद्देश्य मोटे अनाजों की उत्पादकता, प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन और पोषण संबंधी उपयोग को बढ़ाना था।
कथन 1 सही है। योजना के अंतर्गत Cluster Approach अपनाकर निम्नलिखित गतिविधियों का प्रदर्शन किया जाता था:
उन्नत बीज तथा बेहतर Crop-production Technology।
Integrated Nutrient और Pest Management।
फसल कटाई के बाद की Post-harvest Technology।
प्राथमिक प्रसंस्करण, Packaging और Storage।
बाजरा तथा अन्य Millets से मूल्यवर्धित खाद्य उत्पाद तैयार करना।
इस प्रकार योजना केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं थी; इसमें उत्पादन से लेकर Processing और Value Addition तक पूरी Value Chain को शामिल किया गया था।
कथन 2 सही है। Millets मुख्यतः कम वर्षा वाले, शुष्क और अर्द्ध-शुष्क क्षेत्रों में उगाए जाते हैं। इनकी खेती में छोटे, सीमांत, निर्धन और जनजातीय किसानों की बड़ी भागीदारी होती है। इसलिए ऐसे किसान योजना के प्रमुख हितधारक और लाभार्थी थे।
Millets में अपेक्षाकृत कम पानी लगता है और ये कमजोर मृदा तथा प्रतिकूल जलवायु में भी उग सकते हैं। इसलिए योजना का संबंध Nutrition Security के साथ-साथ Climate-resilient Agriculture और छोटे किसानों की आय-सुरक्षा से भी था।
कथन 3 गलत है। योजना का उद्देश्य वाणिज्यिक फसलों की खेती करने वाले किसानों को अपनी फसल छोड़कर Millets की खेती करने के लिए बाध्य अथवा प्रोत्साहित करना नहीं था। इसके अंतर्गत Millet-producing क्षेत्रों में उन्नत तकनीकों का प्रदर्शन और आवश्यक Inputs उपलब्ध कराए जाते थे, लेकिन कथन में वर्णित वाणिज्यिक फसलों से स्थानांतरण तथा Micro-irrigation Equipment की निःशुल्क किट देना इसका निर्धारित उद्देश्य नहीं था।
वर्तमान स्थिति (2026)
INSIMP अब एक पृथक योजना के रूप में संचालित नहीं है। Millets को 2018-19 से National Food Security Mission—NFSM के दायरे में शामिल किया गया। वर्ष 2024-25 में इसका नाम बदलकर National Food Security and Nutrition Mission—NFSNM कर दिया गया।
वर्तमान NFSNM में श्री अन्न/Millets के लिए उन्नत तकनीकों का प्रदर्शन, प्रमाणित बीजों का उत्पादन और वितरण, Integrated Nutrient Management, Integrated Pest Management तथा किसान प्रशिक्षण जैसी सहायता जारी है। आधिकारिक पोर्टल के अनुसार NFSNM 28 राज्यों और जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख सहित 2 केंद्रशासित प्रदेशों में लागू है।