JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

ECONOMY · 2018

Previous Year Question

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अधीन बनाए गए उपबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. केवल गरीबी रेखा से नीचे की श्रेणी में आने वाले परिवार ही सहायिकी प्राप्त खाद्यान्न पाने के पात्र हैं।

  2. परिवार में 18 वर्ष अथवा उससे अधिक आयु की सबसे बड़ी महिला, राशन कार्ड जारी किए जाने के प्रयोजन के लिए परिवार की मुखिया होगी।

  3. गर्भवती महिलाएँ और स्तनपान कराने वाली माताएँ गर्भावस्था के दौरान और उसके बाद छह महीने तक प्रतिदिन 1,600 कैलोरी का घर ले जाने वाला राशन पाने की हकदार हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A.

1 और 2

B.

केवल 2

C.

1 और 3

D.

केवल 3

Correct Answer: B

Detailed Solution

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA), 2013 ने खाद्य सुरक्षा को कल्याणकारी सहायता के स्थान पर कानूनी अधिकार-आधारित व्यवस्था में परिवर्तित किया। अधिनियम को 5 जुलाई 2013 को अधिनियमित किया गया था।

कथन 1 गलत है। सहायिकी प्राप्त खाद्यान्न का अधिकार केवल पारंपरिक BPL परिवारों तक सीमित नहीं है। NFSA के अंतर्गत दो प्रमुख श्रेणियाँ हैं:

  • अंत्योदय अन्न योजना परिवार: प्रति परिवार प्रतिमाह 35 किलोग्राम खाद्यान्न।

  • प्राथमिकता वाले परिवार: प्रति व्यक्ति प्रतिमाह 5 किलोग्राम खाद्यान्न।

अधिनियम के अंतर्गत अधिकतम 75% ग्रामीण जनसंख्या और 50% शहरी जनसंख्या को आच्छादित करने का प्रावधान है। इस प्रकार देश की लगभग दो-तिहाई जनसंख्या इसके वैधानिक दायरे में आ सकती है।

कथन 2 सही है। NFSA की धारा 13 के अनुसार, पात्र परिवार में 18 वर्ष अथवा उससे अधिक आयु की सबसे बड़ी महिला को राशन कार्ड जारी करने के उद्देश्य से परिवार की मुखिया माना जाएगा।

यदि परिवार में 18 वर्ष अथवा उससे अधिक आयु की कोई महिला नहीं है, तो सबसे बड़ा पुरुष अस्थायी रूप से मुखिया होगा। परिवार की किसी महिला के 18 वर्ष की आयु प्राप्त करने पर वह परिवार की मुखिया बन जाएगी। यह प्रावधान महिलाओं के सशक्तीकरण से संबंधित है।

कथन 3 गलत है। गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को गर्भावस्था तथा प्रसव के बाद छह महीने तक निर्धारित पोषण प्राप्त करने का अधिकार है; लेकिन निर्धारित मात्रा 1,600 कैलोरी प्रतिदिन नहीं है।

NFSA की दूसरी अनुसूची के अनुसार गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए निर्धारित पोषण मानक है:

  • 600 कैलोरी प्रतिदिन;

  • 18 से 20 ग्राम Protein प्रतिदिन।

उन्हें कम-से-कम ₹6,000 का मातृत्व लाभ पाने का भी अधिकार दिया गया है। इसलिए कथन में 1,600 कैलोरी लिखा होने के कारण वह गलत है।

वर्तमान स्थिति संबंधी तथ्य: अधिनियम में चावल, गेहूँ और मोटे अनाज के लिए आरम्भिक Central Issue Prices क्रमशः ₹3, ₹2 और ₹1 प्रति किलोग्राम निर्धारित किए गए थे। वर्तमान सरकारी व्यवस्था में पात्र NFSA लाभार्थियों को निर्धारित खाद्यान्न निःशुल्क दिया जा रहा है; लेकिन प्रश्न NFSA के मूल वैधानिक प्रावधानों पर आधारित है।

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