Previous Year Question
भारत में नियोजित अनियत कामगारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
सभी अनियत कामगार कर्मचारी भविष्य निधि कवरेज के हकदार हैं।
सभी अनियत कामगार नियमित कार्य-समय और समयोपरि भुगतान के हकदार हैं।
सरकार अधिसूचना द्वारा यह विनिर्दिष्ट कर सकती है कि कोई प्रतिष्ठान अथवा उद्योग केवल बैंक खाते के माध्यम से मजदूरी का भुगतान करेगा।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
1 और 2
2 और 3
1 और 3
1, 2 और 3
Correct Answer: D
Detailed Solution
कथन 1 सही है। कर्मचारी भविष्य निधि एवं प्रकीर्ण उपबंध अधिनियम के अंतर्गत “कर्मचारी” की परिभाषा केवल स्थायी कर्मचारियों तक सीमित नहीं है। किसी आच्छादित प्रतिष्ठान के कार्य से संबंधित प्रत्यक्ष अथवा Contractor के माध्यम से नियोजित कर्मचारी इसमें शामिल हो सकते हैं।
इसलिए EPF Act के अंतर्गत आने वाले प्रतिष्ठान में कार्यरत Casual अथवा Contractual Worker को केवल अस्थायी नियुक्ति के आधार पर EPF से वंचित नहीं किया जा सकता। हालांकि इसका अर्थ यह नहीं है कि देश का प्रत्येक अनियत कामगार स्वतः EPF के अंतर्गत आता है; प्रतिष्ठान पर EPF कानून लागू होना तथा कर्मचारी का वैधानिक पात्रता-शर्तों में आना आवश्यक है।
कथन 2 सही है। न्यूनतम मजदूरी से संबंधित वैधानिक व्यवस्था सामान्य कार्य-दिवस और निर्धारित कार्य-समय से अधिक काम करने पर Overtime Rate का प्रावधान करती है। Casual Worker को केवल नियुक्ति की प्रकृति के कारण निर्धारित कार्य-समय और समयोपरि मजदूरी से वंचित नहीं किया जा सकता।
सामान्य कार्य-दिवस से अधिक काम कराने पर कर्मचारी को लागू कानून और नियमों के अनुसार Overtime Payment दिया जाना चाहिए।
कथन 3 सही है। मजदूरी संदाय अधिनियम, 1936 की धारा 6 के अंतर्गत मजदूरी का भुगतान:
सिक्कों अथवा चलनशील मुद्रा में;
चेक द्वारा; अथवा
कर्मचारी के बैंक खाते में जमा करके
किया जा सकता था। संशोधित प्रावधान ने उपयुक्त सरकार को अधिसूचना द्वारा किसी औद्योगिक अथवा अन्य प्रतिष्ठान को मजदूरी केवल चेक अथवा बैंक खाते में जमा करके देने का निर्देश देने की शक्ति प्रदान की।
पुस्तक के समाधान में तथ्यात्मक त्रुटि: बैंक खाते के माध्यम से मजदूरी भुगतान निर्दिष्ट करने की सरकारी शक्ति का कानूनी आधार Employees’ Provident Funds Act नहीं, बल्कि Payment of Wages Act, 1936 की धारा 6 था।