Previous Year Question
प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन (PM-SYM) योजना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
योजना में नामांकन के लिए प्रवेश आयु-वर्ग 21 से 40 वर्ष है।
लाभार्थी द्वारा आयु-विशिष्ट अंशदान किया जाएगा।
योजना के अंतर्गत प्रत्येक अभिदाता 60 वर्ष की आयु प्राप्त करने के बाद न्यूनतम ₹3,000 प्रतिमाह पेंशन प्राप्त करेगा।
पारिवारिक पेंशन पति/पत्नी और अविवाहित पुत्रियों पर लागू होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
1, 3 और 4
2 और 3
केवल 2
1, 2 और 4
Correct Answer: B
Detailed Solution
प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना (PM-SYM) असंगठित क्षेत्र के पात्र कामगारों के लिए एक स्वैच्छिक और अंशदायी पेंशन योजना है। इसे वर्ष 2019 में प्रारम्भ किया गया था।
कथन 1 गलत है। योजना में प्रवेश की निर्धारित आयु 18 से 40 वर्ष है, न कि 21 से 40 वर्ष।
योजना के लिए सामान्य पात्रता है:
आवेदक असंगठित क्षेत्र का कामगार हो;
उसकी मासिक आय ₹15,000 तक हो;
उसकी आयु 18 से 40 वर्ष के बीच हो;
वह EPFO, ESIC अथवा NPS का सदस्य न हो;
वह Income-tax payer न हो।
कथन 2 सही है। लाभार्थी का मासिक अंशदान प्रवेश की आयु के अनुसार निर्धारित होता है। कम आयु में योजना में शामिल होने वाले व्यक्ति को कम और अधिक आयु में शामिल होने वाले व्यक्ति को अधिक अंशदान देना पड़ता है।
मासिक अंशदान प्रवेश की आयु के अनुसार लगभग ₹55 से ₹200 तक होता है। उदाहरणतः 18 वर्ष की आयु में प्रवेश करने वाले व्यक्ति का अंशदान ₹55 प्रतिमाह और 40 वर्ष की आयु में प्रवेश करने वाले व्यक्ति का अंशदान ₹200 प्रतिमाह होता है। केंद्र सरकार लाभार्थी के अंशदान के बराबर राशि देती है।
कथन 3 सही है। अभिदाता को 60 वर्ष की आयु प्राप्त करने के बाद ₹3,000 प्रतिमाह की सुनिश्चित न्यूनतम पेंशन मिलती है। यह आजीवन पेंशन है और इसका उद्देश्य वृद्धावस्था में असंगठित कामगार को न्यूनतम आय-सुरक्षा प्रदान करना है।
कथन 4 गलत है। अभिदाता की पेंशन प्राप्त करते समय मृत्यु होने पर केवल उसका पति अथवा पत्नी पारिवारिक पेंशन पाने का पात्र होता/होती है। जीवित पति/पत्नी को अभिदाता द्वारा प्राप्त पेंशन की 50% राशि, अर्थात ₹1,500 प्रतिमाह, पारिवारिक पेंशन के रूप में मिलती है। अविवाहित पुत्रियाँ इस पारिवारिक पेंशन की पात्र नहीं हैं।