Previous Year Question
‘पीएम-सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
I. इसका लक्ष्य आवासीय क्षेत्र में एक करोड़ सौर छत पैनल स्थापित करना है।
II. नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का उद्देश्य जमीनी स्तर पर सौर छत प्रणालियों की स्थापना, संचालन, रखरखाव और मरम्मत के संबंध में प्रशिक्षण प्रदान करना है।
III. क्षमता निर्माण घटक के अंतर्गत नए कौशल प्रशिक्षण और कौशल उन्नयन के माध्यम से तीन लाख से अधिक कुशल जनशक्ति तैयार करने का लक्ष्य है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
केवल I और II
केवल I और III
केवल II और III
I, II और III
Correct Answer: D
Detailed Solution
कथन I सही है। प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना को फरवरी 2024 में प्रारम्भ किया गया। इसका लक्ष्य एक करोड़ आवासीय परिवारों को Rooftop Solar System से जोड़ना है। आधिकारिक लक्ष्य एक करोड़ घरों में छत पर सौर प्रणाली स्थापित करना है; प्रश्न में इसे एक करोड़ आवासीय सौर छत पैनलों की स्थापना के रूप में व्यक्त किया गया है।
इस योजना का कुल स्वीकृत वित्तीय परिव्यय ₹75,021 करोड़ है। इसका उद्देश्य पात्र परिवारों को सौर ऊर्जा के माध्यम से प्रतिमाह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्राप्त करने में सक्षम बनाना है।
Residential Consumer के लिए Central Financial Assistance की संरचना है:
पहले 2 kW तक ₹30,000 प्रति kW;
अतिरिक्त तीसरे kW के लिए ₹18,000;
3 kW अथवा उससे अधिक क्षमता वाले सिस्टम के लिए अधिकतम ₹78,000 की सहायता।
कथन II सही है। Rooftop Solar System स्थापित कर देना पर्याप्त नहीं है। उसके सुरक्षित और प्रभावी संचालन के लिए स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित तकनीशियनों की आवश्यकता होती है। इसलिए नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने Installation, Operation, Maintenance और Repair से संबंधित प्रशिक्षण को योजना के Capacity Building Component में सम्मिलित किया है।
कथन III सही है। Capacity Building Component के अंतर्गत देशभर में तीन लाख से अधिक व्यक्तियों को नया कौशल प्रदान करने अथवा उनके मौजूदा कौशल का उन्नयन करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें तकनीशियन, बिजली मिस्त्री, विक्रेता, वितरण कंपनी के कर्मचारी, बैंकिंग कार्मिक और अन्य कार्यान्वयन-संबंधी जनशक्ति सम्मिलित हो सकती है।
इससे दो उद्देश्य पूरे होते हैं—एक करोड़ घरों में बड़े स्तर पर Rooftop Solar Installation के लिए पर्याप्त प्रशिक्षित जनशक्ति उपलब्ध होना और स्थानीय स्तर पर Green Jobs का सृजन होना।