JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

ECONOMY · 2019

Previous Year Question

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

  1. भारत में कोयला क्षेत्र का राष्ट्रीयकरण इंदिरा गांधी की सरकार के अधीन किया गया था।

  2. अब कोयला खंडों का आवंटन लॉटरी के आधार पर किया जाता है।

  3. हाल तक भारत घरेलू आपूर्ति की कमी को पूरा करने के लिए कोयले का आयात करता था, किंतु अब भारत कोयला उत्पादन में आत्मनिर्भर है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A.

केवल 1

B.

2 और 3

C.

केवल 3

D.

1, 2 और 3

Correct Answer: A

Detailed Solution

भारत में कोयला खदानों का राष्ट्रीयकरण इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्रित्व काल में चरणबद्ध तरीके से किया गया था।

  • सबसे पहले वर्ष 1971 में Coking Coal Mines को सरकारी नियंत्रण में लेने की प्रक्रिया शुरू हुई।

  • Coking Coal Mines (Nationalisation) Act, 1972 के माध्यम से कोककारी कोयला खदानों का राष्ट्रीयकरण किया गया।

  • इसके बाद Coal Mines (Nationalisation) Act, 1973 के माध्यम से गैर-कोककारी कोयला खदानों का राष्ट्रीयकरण किया गया।

  • वर्ष 1975 में Coal India Limited की स्थापना सार्वजनिक क्षेत्र की कोयला कंपनियों को एकीकृत करने के लिए की गई।

राष्ट्रीयकरण का उद्देश्य कोयला संसाधनों का योजनाबद्ध विकास, कामगारों की दशा में सुधार और ऊर्जा एवं इस्पात क्षेत्रों के लिए आपूर्ति सुनिश्चित करना था।

कथन 2 गलत है।

कोयला खंडों का आवंटन Lottery के आधार पर नहीं किया जाता। Coal Mines (Special Provisions) Act, 2015 और संबंधित नियमों के अंतर्गत कोयला खंडों का आवंटन मुख्यतः:

  • Competitive Auction, अथवा

  • निर्धारित सरकारी संस्थाओं को Allotment

के माध्यम से किया जाता है।

Competitive Bidding में पात्र कंपनियाँ निर्धारित नियमों के अनुसार बोलियाँ प्रस्तुत करती हैं। पारदर्शी Auction Mechanism का उद्देश्य मनमाने प्रशासनिक आवंटन को प्रतिस्थापित करना था।

कथन 3 गलत है।

प्रश्न के समय भारत कोयला उत्पादन में आत्मनिर्भर नहीं हुआ था। वर्ष 2018-19 में भारत ने लगभग 235 मिलियन टन कोयले का आयात किया, जबकि घरेलू कोयला उत्पादन लगभग 729 मिलियन टन था।

भारत कोयला आयात करता रहा, क्योंकि:

  • बिजली और उद्योग की माँग घरेलू उपलब्धता से अधिक हो सकती थी।

  • घरेलू कोयले की गुणवत्ता और Calorific Value प्रत्येक उपयोग के लिए उपयुक्त नहीं थी।

  • इस्पात उद्योग को उच्च गुणवत्ता वाले Coking Coal की आवश्यकता होती है, जिसकी भारत में पर्याप्त उपलब्धता नहीं है।

  • कुछ तटीय विद्युत संयंत्र Imported Coal के अनुसार डिजाइन किए गए थे।

  • घरेलू उत्पादन के बावजूद परिवहन और आपूर्ति संबंधी बाधाएँ बनी रहती थीं।

इसलिए अधिक घरेलू उत्पादन होने का अर्थ पूर्ण आत्मनिर्भरता नहीं है।

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